भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में बड़ी-बड़ी गारंटियों और वादों के सहारे सत्ता में आई कांग्रेस सरकार अब पूरी तरह जनता को ठगने का काम कर रही है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि “चौबे बनने निकली कांग्रेस सरकार दुबे बनकर रह गई है”, क्योंकि सरकार अपनी एक भी गारंटी को पूरा नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय उन पर आर्थिक बोझ डालना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने डीजल पर वैट (VAT) बढ़ाकर इसे ₹10.40 प्रति लीटर तक पहुंचा दिया, जिससे पिछले लगभग 40 महीनों में जनता से हजारों करोड़ रुपये वसूले गए हैं। अब सरकार पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी कर रही है, जिसे उन्होंने आम जनता की जेब पर सीधा हमला बताया।
अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस बयान पर भी सवाल उठाए कि सेस अभी लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब सरकार टैक्स लगाने का मन बना चुकी है, तो उसे लागू करने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी और जनता पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने देगी।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया। ठाकुर ने कहा कि जहां एक ओर आम जनता महंगाई से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने चेयरमैनों की तनख्वाह कई गुना बढ़ा दी और उन्हें महंगी गाड़ियां उपलब्ध करवाईं। उन्होंने इसे “कांग्रेस का असली चेहरा” करार दिया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार की नीतियों से खुद कांग्रेस के नेता भी संतुष्ट नहीं हैं, जिसके चलते पार्टी के अंदर से ही विरोध के स्वर उठ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इस मुद्दे पर सड़कों से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी।
अनुराग ठाकुर ने सरकार के उस तर्क को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा है कि सेस का असर केवल व्यापारियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम जनता, किसानों, ट्रक ऑपरेटरों, टैक्सी चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ता है। इसलिए यह कहना गलत है कि इसका असर सीमित रहेगा।
उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। उनके अनुसार, हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है, जो प्रदेश के लिए चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वित्तीय प्रबंधन सही तरीके से नहीं कर पा रही है, तो मुख्यमंत्री को वित्त विभाग किसी सक्षम व्यक्ति को सौंप देना चाहिए।
अंत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को अपनी 10 गारंटियों को तुरंत पूरा करना चाहिए और जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नई कर नीतियों के बजाय सरकार को ऐसे फैसले लेने चाहिए, जिससे आम लोगों को आर्थिक राहत मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ खड़ी है और किसी भी कीमत पर पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने का विरोध करेगी।
कुल मिलाकर, अनुराग ठाकुर का यह बयान प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकता है, जहां आगामी दिनों में इस मुद्दे पर सियासी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।