चिट्टे के खिलाफ बिलासपुर में जन आंदोलन

rakesh nandan

27/12/2025

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक जन आंदोलन के तहत आज बिलासपुर में आयोजित एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन का नेतृत्व किया। यह वॉकथॉन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) से लुहणु मैदान तक निकाली गई, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा बिलासपुर शहर चिट्टा विरोधी नारों से गूंज उठा।

वॉकथॉन से पूर्व मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर में उपस्थित लोगों को चिट्टे एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध जागरूकता शपथ दिलाई। लुहणु मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से इस जन आंदोलन का सक्रिय हिस्सा बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा बच्चों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह ऐसा ज़हर है, जो परिवारों और समाज को भीतर से खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर को शिमला के रिज मैदान से शुरू किया गया यह अभियान अब पूरे प्रदेश में जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्होंने बताया कि सरकार एंटी चिट्टा वालंटियर योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनसीसी, एनएसएस, युवा क्लबों और जागरूक युवाओं को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास पर भी प्रभावी कार्य किया जा रहा है। सिरमौर के कोटला बड़ोग में बन रहे पुनर्वास केंद्र के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की कार्रवाई केवल नारों तक सीमित नहीं है। 17 से 19 नवंबर तक राज्यव्यापी नाका अभियान, 22 नवंबर को समकालिक तलाशी, 25 दिसंबर को शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष अभियान, तथा पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 66 कुख्यात तस्करों पर कार्रवाई की जा चुकी है। अवैध संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई जारी है। इस अवसर पर राजेश धर्माणी, राम लाल ठाकुर, अशोक तिवारी, राहुल कुमार, संदीप धवल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।