हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एंटी-चिट्टा अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने युवाओं से नशे के खिलाफ खुलकर आगे आने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया। वे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना में आयोजित प्री-रिपब्लिक डे परेड कैंप के अंतर्गत निकाली गई जन-जागरूकता रैली के उपरांत एमसी पार्क ऊना में एनएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे। इस कैंप में प्रदेश भर से चयनित एनएसएस के 300 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं, जिनमें 150 छात्राएं और 150 छात्र शामिल हैं। इनमें से चयनित 55 छात्राएं और 55 छात्र आगामी राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस परेड में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कैंप के अंतर्गत शुक्रवार को एंटी-चिट्टा अभियान के तहत जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार होते हुए एमसी पार्क पहुंची, जहां उपायुक्त ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि युवा समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं और यदि यही शक्ति नशे की चपेट में आ जाए तो समाज भीतर से कमजोर हो जाता है। उन्होंने कहा कि चिट्टा जैसे घातक नशे व्यक्ति, परिवार और आने वाली पीढ़ियों को अंधकार की ओर धकेल देते हैं।
उपायुक्त ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी इस विनाशकारी लत से बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त और जागरूक युवा ही आत्मनिर्भर हिमाचल और सशक्त भारत की नींव रख सकते हैं। इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों को एंटी-चिट्टा शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य सुरेंद्र कौंडल, परेड कमांडर ललिता वालिया, कैंप कमांडर मुकेश सलारिया सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।