बसंतपुर स्कूल में एंटी-चिट्टा जागरूकता कार्यक्रम

rakesh nandan

04/12/2025

एंटी-चिट्टा अभियान के तहत आज पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसंतपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।


“चिट्टा शरीर और दिमाग दोनों को नष्ट करता है”— एडीएम पंकज शर्मा

बच्चों को सरल भाषा में संबोधित करते हुए एडीएम पंकज शर्मा ने कहा कि—

  • चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थ बेहद खतरनाक हैं।

  • नशा शरीर, दिमाग, पढ़ाई, खेल और भविष्य—सब कुछ बर्बाद करता है।

  • समझदार छात्र कभी नशे की चीजों को हाथ भी नहीं लगाते।

  • गलत संगत और गलत दोस्त अक्सर बच्चों को नशे की तरफ धकेलते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि, गलत चीज या नशा दिखाई दे तो वे तुरंत:

  • अपने माता–पिता,

  • शिक्षक,

  • या पुलिस अधिकारी

को सूचित करें। यह जिम्मेदारी हर बच्चे की है कि वह खुद भी सुरक्षित रहे और अपने दोस्तों को भी नशे से बचाए।


“नशा कोई मज़ाक नहीं — यह जीवन को पूरी तरह तबाह कर सकता है”

पंकज शर्मा ने कहा कि नशा कभी भी “एक बार ट्राई करने” की चीज नहीं, बल्कि यह जीवन को धीरे-धीरे खत्म करने वाला जहर है।
उन्होंने समझाया कि—

  • नशा करने से निर्णय क्षमता खत्म हो जाती है,

  • व्यक्तित्व और व्यवहार बिगड़ता है,

  • पढ़ाई–लिखाई में गिरावट आती है,

  • और कई बार जान का खतरा भी हो जाता है।

उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि—

“अच्छे दोस्त वही हैं जो आपको सही दिशा में चलने के लिए प्रेरित करें। गलत रास्ता दिखाने वाला कभी दोस्त नहीं हो सकता।”


खेल, व्यायाम और सकारात्मक गतिविधियों की सलाह

एडीएम ने कहा कि अपने खाली समय को सकारात्मक गतिविधियों में लगाना चाहिए, जैसे—

  • खेल

  • व्यायाम

  • संगीत

  • पेंटिंग

  • किताबें

  • अन्य मनोरंजक और शैक्षणिक गतिविधियाँ

इससे बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहते हैं और नशे जैसी बुरी चीजों से दूर रहते हैं।


“अगर कभी लगे कि आप गलत दिशा में जा रहे हैं, तुरंत मदद मांगें”

उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को लगे कि वह नशे की ओर आकर्षित हो रहा है, तो बिना झिझक अपने:

  • माता–पिता,

  • शिक्षक,

  • काउंसलर

से बात करनी चाहिए। समय रहते मदद मिलने पर भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हो सकता है।


बच्चों को नशा मुक्त रहने की शपथ

कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र–छात्राओं को यह शपथ दिलाई गई कि—

  • वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे,

  • किसी भी नशीले पदार्थ को हाथ नहीं लगाएंगे,

  • और अपने दोस्तों व परिवार को भी नशे से बचाएंगे।

यह शपथ बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत बनाती है।


तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 — छात्रों को दी गई जानकारी

कार्यक्रम में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत—

  • तंबाकू के दुष्प्रभाव,

  • स्वास्थ्य पर विपरीत असर,

  • और इससे बचाव

के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

बच्चों को बताया गया कि तंबाकू भी नशे का द्वार है और इसके सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।


कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ और छात्रों की उत्साही भागीदारी

कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षकगण, स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्रों ने उपस्थित होकर एंटी-चिट्टा अभियान के प्रति अपना समर्थन जताया।