राष्ट्रीय आह्वान पर आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने आज प्रोजेक्ट पछाद में अपनी समस्याओं को लेकर राज्य सचिव वीना शर्मा और प्रोजेक्ट पछाद महासचिव शामा शर्मा की अध्यक्षता में एसडीएम सराहन के माध्यम से सांसद और मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा। यूनियन ने केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
यूनियन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार महिला कर्मचारियों के अधिकारों और स्वास्थ्य सुरक्षा पर दो मोर्चों पर प्रहार कर रही है। पहला मुद्दा मातृत्व अवकाश से जुड़ी “1 वर्ष सेवा शर्त” है, जिसे महासचिव वीना शर्मा ने मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 एवं संशोधन 2017 तथा संविधान के अनुच्छेद 42 का स्पष्ट उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि मातृत्व अवकाश नियुक्ति के पहले दिन से अधिकार है।
दूसरा बड़ा मुद्दा आयुष्मान कार्ड बनने के बाद हिम-केयर कार्ड निष्क्रिय हो जाना है, जिसके कारण कई परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा से वंचित हो गए हैं। यूनियन ने इसे अमानवीय बताते हुए कहा कि न्यूनतम मानदेय पर काम करने वाली आंगनवाड़ी बहनों को दोनों योजनाओं से बाहर करना अस्वीकार्य है। यूनियन की मांगों में मातृत्व अवकाश पर 1 वर्ष की शर्त हटाना, हिम-केयर लाभ बहाल करना, तकनीकी समस्याओं का समाधान करना और सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत सुधार नहीं किए, तो संघर्ष प्रदेशव्यापी और अधिक तेज़ होगा।
