हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पेंशनरों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने 40 महीनों के कार्यकाल में पेंशनरों को केवल आश्वासन देने तक ही सीमित रही है, जबकि उनकी हजारों करोड़ रुपये की देनदारियां आज भी लंबित पड़ी हैं।
पेंशनर सड़कों पर उतरने को मजबूर
अजय राणा ने कहा कि प्रदेश के पेंशनर अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों में पेंशनरों द्वारा धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब पेंशनर 30 मार्च को शिमला में विधानसभा घेराव करने की चेतावनी दे चुके हैं। यह विरोध प्रदर्शन पेंशनरों के बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।
लंबित देनदारियों का उठाया मुद्दा
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की कई वित्तीय देनदारियां अभी तक जारी नहीं की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके कारण हजारों पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अजय राणा के अनुसार:
मेडिकल रीइम्बर्समेंट के लगभग 50 करोड़ रुपये लंबित हैं
अन्य देनदारियों के रूप में करीब 1100 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है
उन्होंने कहा कि यह स्थिति पेंशनरों के लिए बेहद चिंताजनक है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अजय राणा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार हर बार आपदा या आर्थिक संकट का हवाला देकर पेंशनरों की मांगों को टालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार आर्थिक संकट का हवाला देती है, जबकि दूसरी ओर अपने समर्थकों के लिए भत्तों में बढ़ोतरी और सरकारी संसाधनों के उपयोग में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं करने तक सीमित रह गई है और वास्तविक समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है।
बुजुर्ग पेंशनरों की स्थिति चिंताजनक
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में 70 से 80 वर्ष की आयु के बुजुर्ग पेंशनर अपने अधिकारों के लिए बार-बार प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है।
बजट में समाधान की मांग
अजय राणा ने कहा कि यदि आगामी बजट में पेंशनरों की 14 सूत्रीय मांगों, लंबित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) और एरियर के भुगतान के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया तो पेंशनर आंदोलन तेज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रदेशभर के हजारों पेंशनर 30 मार्च को शिमला पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे।
भाजपा ने दी चेतावनी
भाजपा प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार से मांग की कि पेंशनरों की सभी लंबित देनदारियों का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए और उनकी 14 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो भारतीय जनता पार्टी पेंशनरों के समर्थन में सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।