Directorate of SC OBC Minority and Disability Empowerment Himachal Pradesh द्वारा प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं के लिए कौशल विकास कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
इस योजना के अंतर्गत NIELIT के सहयोग से हमीरपुर जिला में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नादौन के निकट टिल्लू स्थित माइक्रो इन्फोटेक एजूकेशन सोसाइटी में इस महीने से दो अलग-अलग तीन-तीन महीने के कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इन कोर्सों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी और ऑफिस ऑटोमेशन, अकाउंटिंग एवं पब्लिशिंग शामिल हैं। यह कोर्स युवाओं को डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में दक्ष बनाने के लिए तैयार किए गए हैं, ताकि वे भविष्य के रोजगार बाजार की मांग के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।
जिला कल्याण अधिकारी Chaman Lal Sharma ने जानकारी देते हुए बताया कि इन कोर्सों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय हमीरपुर में आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इन अल्प अवधि के कोर्सों के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को हर महीने 2000 रुपये का वजीफा भी प्रदान किया जाएगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा भी आसानी से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
AI टेक्नोलॉजी कोर्स के लिए आवेदक का स्नातक होना अनिवार्य है। इस कोर्स की विशेषता यह है कि इसमें प्रतिदिन केवल दो घंटे की कक्षाएं होंगी, जिससे विद्यार्थी अन्य कार्यों के साथ भी इसे जारी रख सकते हैं।
वहीं, ऑफिस ऑटोमेशन, अकाउंटिंग एवं पब्लिशिंग कोर्स के लिए आवेदक का बारहवीं पास होना आवश्यक है और इसमें प्रतिदिन चार घंटे की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। यह कोर्स उन युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो कंप्यूटर और अकाउंटिंग से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त करना चाहते हैं।
पात्रता की बात करें तो आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना और अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना अनिवार्य है। इसके अलावा उम्मीदवार की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
उम्मीदवारों का चयन उनके शैक्षणिक अंकों के आधार पर किया जाएगा। बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे जरूरतमंद युवाओं को अधिक लाभ मिल सके।
महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए कुल सीटों में से 30 प्रतिशत सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। हालांकि, यदि पर्याप्त महिला उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते हैं, तो ये सीटें पुरुष उम्मीदवारों को आवंटित की जा सकती हैं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या दूरभाष नंबर 01972-222379 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह पहल अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।