एआई समिट विवाद पर भाजपा का सरकार पर हमला

rakesh nandan

01/03/2026

एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को लेकर भाजपा का सरकार पर निशाना

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से जुड़े घटनाक्रम पर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने जारी बयान में कहा कि 20 फरवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया अर्धनग्न प्रदर्शन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण था और इससे राष्ट्र की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचा। कटवाल ने कहा कि यह आयोजन भारत सरकार के आमंत्रण पर हुआ था, जिसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुआ प्रदर्शन देश की छवि को प्रभावित करने वाला था।

“राजनीतिक नहीं, राष्ट्रीय आयोजन था”

संजीव कटवाल ने स्पष्ट किया कि यह समिट किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच पर किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन भारत की गरिमा के विपरीत है। उनका कहना था कि जब वैश्विक प्रतिनिधि भारत में तकनीक और नवाचार पर चर्चा के लिए उपस्थित हों, तब इस प्रकार की घटनाएं देश की साख पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका पर सवाल

प्रदेश महामंत्री ने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए हिमाचल सदन में कमरों की बुकिंग उनके कार्यालय से की गई थी। कटवाल ने मांग की कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि तथ्यों को सामने लाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक दुरुपयोग हुआ है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

बजट सत्र और आरडीजी मुद्दा

संजीव कटवाल ने विधानसभा के बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाने के बजाय आरडीजी के मुद्दे पर राजनीतिक संकल्प लाया। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन दिन तक चर्चा कर प्रस्ताव पारित करने के बाद सदन स्थगित कर दिया गया, लेकिन दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री से मुलाकात नहीं की गई। उनका कहना था कि इससे स्पष्ट होता है कि आरडीजी मुद्दे का उपयोग केवल राजनीतिक उद्देश्य से किया गया।

संघीय ढांचे पर टिप्पणी

कटवाल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों को सरकारी संरक्षण में हिमाचल लाया गया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली पुलिस वैधानिक दस्तावेजों और न्यायालय की अनुमति के साथ कार्रवाई कर रही थी, तब उन्हें रोका गया। उन्होंने इसे संघीय ढांचे और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत बताया और कहा कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार को सहयोगात्मक रुख अपनाना चाहिए।

केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग

भाजपा नेता ने पूरे घटनाक्रम की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहचान शांति और देशभक्ति से जुड़ी है, और राजनीतिक स्वार्थों के लिए प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण है।