
एडीसी अभिषेक गर्ग ने कहा कि किसी भी आपदा के दौरान स्थानीय समुदाय की त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया सबसे प्रभावी होती है, जिससे जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वे कॅरियर प्वाइंट विश्वविद्यालय खरवाड़ में डीडीएमए द्वारा युवा आपदा मित्र योजना के तहत आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपदा मित्र योजना का उद्देश्य पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवक तैयार करना है, साथ ही एनसीसी, एनएसएस और स्काउट एंड गाइड के विद्यार्थियों को भी आपदा प्रबंधन की बेसिक जानकारी देना है। एडीसी ने प्रतिभागियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अभिषेक गर्ग ने बताया कि देश में एनडीएमए, राज्यों में एसडीएमए और जिलों में डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक समन्वित तंत्र स्थापित है, जिसका उद्देश्य आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण हिमालयन क्षेत्र भूकंप के लिए अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है। एडीसी ने छात्रों से नशे से दूर रहने और 16 दिसंबर को हमीरपुर में चिट्टे के खिलाफ आयोजित मैगा वॉकथॉन में शामिल होने का आग्रह किया। शिविर के 91 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. संजीव शर्मा, प्रो. मनु विनीत शर्मा, रजिस्ट्रार गुलशन संधू सहित विश्वविद्यालय और डीडीएमए के अधिकारी उपस्थित रहे।