एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की उच्च स्तरीय टीम ग्रामीण समृद्धि एवं लचीलापन कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को बिलासपुर पहुंची। टीम में वरिष्ठ नेचुरल रिसोर्स विशेषज्ञ सुना किम, सामाजिक विकास विशेषज्ञ आनंद रमेश कुनियार, परियोजना प्रबंधन (कृषि) विशेषज्ञ प्राची शर्मा, एसोसिएट प्रोजेक्ट ऑफिसर नेहा सैनी, कृषि व्यवसाय सलाहकार अर्जुन और वित्त सलाहकार तनुश्री चंद्रा शामिल रहे।
बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। इस दौरान ग्रामीण विकास, कृषि आधारित आजीविका, महिलाओं के सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव पर व्यापक चर्चा हुई। जिला के विभिन्न विभागों ने अपनी प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
ग्रामीण विकास योजनाओं की गहन समीक्षा
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं—मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, आजीविका मिशन, कृषि एवं बागवानी योजनाओं—की डिजाइनिंग, बजट प्रक्रिया, क्रियान्वयन और परिणामों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
ग्रामीण विकास विभाग के परियोजना अधिकारी यशपाल ने जिला स्तर पर चल रही योजनाओं, स्वीकृत परियोजनाओं और पंचायत स्तर की प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
धन-धान्य कृषि योजना पर विशेष फोकस
ADB टीम ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) के आगामी चरणों, प्रोजेक्ट एप्रेज़ल प्रक्रिया, मानकों और लागू करने की रणनीति पर गहन चर्चा की।
इस योजना के अंतर्गत कृषि अवसंरचना, फसल विविधीकरण और किसानों की आय वृद्धि से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर विस्तृत चर्चा
टीम ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की गतिविधियों,
प्रशिक्षण कार्यक्रमों
उत्पाद विपणन
वित्तीय सहयोग
सरकारी सहायता
पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
टीम ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में हिमाचल प्रदेश का मॉडल काफी मजबूत और प्रभावी है।
बैंकिंग और वित्तीय पहुंच पर भी समीक्षा
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक ऋण उपलब्धता में आ रही दिक्कतों, डिपॉजिट पैटर्न और वित्तीय समावेशन की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं की सीमाओं और ऋण स्वीकृति प्रक्रिया की धीमी गति पर फीडबैक लिया।
भूगोल और स्थानीय परिस्थिति के अनुसार योजनाओं की समीक्षा
अधिकारियों ने बताया कि कुछ केंद्रीय योजनाएं हिमाचल की भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं, जबकि राज्य सरकार की योजनाएं स्थानीय जरूरतों से बेहतर मेल खाती हैं।
इसी कारण कुछ राष्ट्रीय योजनाओं का प्रदर्शन अपेक्षाकृत धीमा है।
बजट, कार्य आदेश और देरी की समस्याओं पर चर्चा
बैठक में बजट डिमांड, स्वीकृति प्रक्रिया, समय पर कार्य आदेश न जारी होने और इससे होने वाली देरी जैसी समस्याओं की समीक्षा की गई।
टीम ने योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव लिए।