हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह के कार्यालय का घेराव कर छात्रों से जुड़ी विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के समक्ष अपनी मुख्य मांगें रखीं। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सुविधाओं की गंभीर कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि दवाइयों, डॉक्टरों और बुनियादी उपकरणों का अभाव छात्रों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। परिषद ने डिस्पेंसरी में 24×7 स्थायी डॉक्टर, पर्याप्त स्टाफ और मेडिकल स्टोर की व्यवस्था की मांग की।
परिषद ने यूआईटी और यूसीबीएस में पुस्तकालय एवं अध्ययन सुविधाओं की कमी को छात्रों की शैक्षणिक प्रगति में बाधक बताया। भौतिकी विभाग के पास उपलब्ध विश्वविद्यालय भूमि पर चार मंज़िला नई लाइब्रेरी के निर्माण की मांग की गई, ताकि यूआईटी, यूसीबीएस सहित अन्य छात्र इसका लाभ उठा सकें। इसके अतिरिक्त पिंक पेटल से नीचे, लॉ विभाग के समीप उपलब्ध भूमि पर विश्वविद्यालय पार्किंग के निर्माण की मांग उठाई गई। एबीवीपी ने कहा कि पार्किंग सुविधा के अभाव में हजारों छात्र वाहनों को खतरनाक स्थानों पर खड़ा करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
एबीवीपी ने यूआईटी, यूसीबीएस और यूआईएलएस छात्रों के लिए नए छात्रावासों के शीघ्र निर्माण की मांग करते हुए कहा कि हॉस्टल सुविधा के अभाव में छात्र महंगे किराए पर बाहर रहने को मजबूर हैं, जिससे पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही सभी विभागों में फ्लोर-वाइज सीसीटीवी कैमरे, छात्रों के लिए नई बसें, तथा यूसीबीएस और यूआईएलएस के लिए नए भवन के निर्माण की भी मांग की गई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय के अधिशासी अभियंता का भी घेराव कर पुस्तकालय में शौचालयों की स्वच्छता, हीटिंग सुविधा, पानी की समस्या और प्रत्येक टेबल पर चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी इकाई मंत्री सुशील शर्मा ने कहा कि यदि इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। चेतावनी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।
