एचपीयू में एबीवीपी का धरना, परीक्षा व्यवस्था पर सवाल

rakesh nandan

19/12/2025

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया। इस धरना प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्रों से जुड़ी शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण मांगें रखीं। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मेडिकल उपकरण, दो स्थायी मेडिसिन डॉक्टरों की नियुक्ति, नए स्वास्थ्य स्टाफ तथा एक मेडिकल स्टोर खोलने की मांग की। इसके साथ ही परिषद ने छात्रों के लिए पार्किंग सुविधा, लाइब्रेरी में हीटर की व्यवस्था तथा नई बसों की सुविधा उपलब्ध करवाने की भी मांग उठाई।

इसके अतिरिक्त, एबीवीपी ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं, त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया एवं परिणामों में लगातार सामने आ रही खामियों के विरोध में प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। परिषद ने कहा कि वर्तमान परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। परिषद ने विशेष रूप से वर्ष 2018 के बाद Special Chance प्राप्त छात्रों को Late College श्रेणी में भेजे जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें केवल फेल विषयों की परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए। इसके साथ ही बी.टेक पाठ्यक्रम के परिणामों में भारी अनियमितताओं, तकनीकी त्रुटियों, पुनर्मूल्यांकन परिणामों में देरी तथा ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए।

एबीवीपी का कहना है कि ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली के कारण परिणामों में बार-बार त्रुटियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों को मानसिक तनाव, समय की हानि और शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विलंबित या गलत परिणामों के कारण छात्रों का अगला सेमेस्टर, प्रवेश प्रक्रिया और करियर योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। धरना प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से अपनी बात रखी और विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी समस्याओं का समग्र और शीघ्र समाधान करने की मांग की। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

इस अवसर पर एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि “परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही लापरवाहियां यह दर्शाती हैं कि प्रशासन छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। एबीवीपी किसी भी स्थिति में छात्रों के भविष्य के साथ समझौता नहीं होने देगी।” उन्होंने ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को समाप्त कर ऑफलाइन मूल्यांकन व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग की। वहीं इकाई सचिव सुशील शर्मा ने कहा कि
“यह धरना छात्रों की सामूहिक पीड़ा की अभिव्यक्ति है। जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध परिणाम और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, तब तक परिषद का संघर्ष जारी रहेगा।”

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा की कि वह छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए परीक्षा व्यवस्था एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करेगा, ताकि विश्वविद्यालय की अकादमिक गरिमा बनी रहे और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।