परीक्षा अव्यवस्थाओं के विरोध में एबीवीपी का घेराव

rakesh nandan

17/12/2025

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं, त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया तथा परिणामों में लगातार सामने आ रही खामियों के विरोध में परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव किया गया। इस दौरान परिषद ने छात्रों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को एक साथ उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय की परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था छात्रों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। विशेष रूप से वर्ष 2018 से Special Chance प्राप्त छात्रों को Late College श्रेणी में भेजा जाना, जबकि उन्हें केवल फेल विषयों की परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए; बी.टेक पाठ्यक्रम के परिणामों में तकनीकी त्रुटियां; पुनर्मूल्यांकन के परिणामों का लंबे समय तक लंबित रहना तथा ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल—ये सभी समस्याएं छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं।

परिषद का कहना है कि ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली लागू होने के बाद से परिणामों में बार-बार गलतियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों को मानसिक तनाव, समय की बर्बादी और अकादमिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। गलत अथवा विलंबित परिणामों के कारण छात्रों का अगला सेमेस्टर, प्रवेश प्रक्रिया और करियर योजनाएं बाधित हो रही हैं। घेराव के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपनी मांगें रखीं तथा प्रशासन से परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों के तत्काल और समग्र समाधान की मांग की। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस अवसर पर इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही लापरवाहियां प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती हैं। उन्होंने मांग की कि मूल्यांकन प्रक्रिया को ऑनलाइन से हटाकर पुनः ऑफलाइन मोड में लागू किया जाए, क्योंकि ऑनलाइन प्रणाली में न केवल देरी हो रही है, बल्कि बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता के कारण पारदर्शिता भी प्रभावित हो रही है।

वहीं इकाई सचिव सुशील शर्मा ने कहा कि यह घेराव छात्रों की सामूहिक पीड़ा की अभिव्यक्ति है। जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध परिणाम और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक एबीवीपी का संघर्ष जारी रहेगा।एबीवीपी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था में सुधार कर विश्वविद्यालय की अकादमिक गरिमा बनाए रखने की मांग की।