बिलासपुर में 11 से 14 जून तक एबीवीपी का प्रदेश अभ्यास वर्ग

rakesh nandan

09/06/2026

बिलासपुर में 11 से 14 जून तक आयोजित होगा एबीवीपी का प्रदेश अभ्यास वर्ग, 300 से अधिक कार्यकर्ता करेंगे सहभागिता

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रदेश स्तरीय अभ्यास वर्ग का आयोजन 11 जून से 14 जून 2026 तक बिलासपुर के ऐतिहासिक लुहणु मैदान में किया जाएगा। चार दिनों तक चलने वाला यह प्रशिक्षण वर्ग संगठन के कार्यकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिसमें प्रदेशभर से 300 से अधिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।

विद्यार्थी परिषद के इस अभ्यास वर्ग का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, इतिहास, कार्यपद्धति और राष्ट्रीय दृष्टिकोण से गहराई से परिचित कराना है। साथ ही छात्र हितों और समकालीन शैक्षणिक विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।

प्रदेशभर से जुटेंगे 300 से अधिक कार्यकर्ता

अभ्यास वर्ग में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से 300 से अधिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। इन कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक प्रशिक्षण के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करने, छात्र हितों के मुद्दों को समझने और संगठन विस्तार से जुड़े विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

विद्यार्थी परिषद का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण वर्ग संगठन की कार्यशैली को समझने और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार नेतृत्व के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संगठन के इतिहास और विचारधारा पर होगा विशेष फोकस

चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के गठन, विकास यात्रा, संगठनात्मक संरचना और कार्यपद्धति की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, राष्ट्र निर्माण में छात्र शक्ति की भूमिका और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं के योगदान जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय मुद्दों और शिक्षा से जुड़े समसामयिक विषयों पर चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री करेंगे मार्गदर्शन

इस अभ्यास वर्ग की विशेषता यह होगी कि इसमें एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे।

वे संगठन के राष्ट्रीय दृष्टिकोण, छात्र आंदोलनों की भूमिका और वर्तमान समय में युवाओं की जिम्मेदारियों पर अपने विचार साझा करेंगे। उनके सत्रों को अभ्यास वर्ग का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है।

संगठनात्मक क्षमता बढ़ाने पर रहेगा जोर

अभ्यास वर्ग का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें संगठन के कुशल एवं समर्पित कार्यकर्ता के रूप में तैयार करना है।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को टीम वर्क, नेतृत्व कौशल, संगठन विस्तार, संवाद कौशल और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगे।

छात्र हितों के मुद्दों पर होगी चर्चा

प्रशिक्षण वर्ग में छात्र समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र सुविधाएं, रोजगार, कौशल विकास और उच्च शिक्षा से संबंधित विषयों पर कार्यकर्ताओं को जानकारी दी जाएगी।

विद्यार्थी परिषद का मानना है कि छात्र हितों के मुद्दों को समझना और उनके समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास करना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

छात्र आंदोलन को मिलेगी नई दिशा

एबीवीपी के अनुसार यह अभ्यास वर्ग केवल संगठनात्मक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्र आंदोलन की दिशा और भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा का मंच बनेगा।

कार्यकर्ताओं को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यार्थियों की समस्याओं को किस प्रकार प्रभावी ढंग से उठा सकते हैं और सकारात्मक समाधान की दिशा में काम कर सकते हैं।

संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

प्रदेश अभ्यास वर्ग को हिमाचल प्रदेश में संगठन के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विद्यार्थी परिषद का मानना है कि प्रशिक्षित और वैचारिक रूप से सशक्त कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन अपनी कार्यशैली को और प्रभावी बनाने का प्रयास करता है।

युवाओं में नेतृत्व विकास का मंच

विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार के प्रशिक्षण वर्ग युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने, सामाजिक चेतना बढ़ाने और संगठनात्मक कौशल को निखारने में सहायक होते हैं।

बिलासपुर में आयोजित होने वाला यह प्रदेश अभ्यास वर्ग न केवल एबीवीपी कार्यकर्ताओं के लिए सीखने और संवाद का अवसर होगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश में छात्र नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण आयोजन साबित हो सकता है।

चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर से आए कार्यकर्ता अनुभवों का आदान-प्रदान करेंगे और संगठन के भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा करेंगे।