अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने विधानसभा घेराव के दौरान छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज को “सरकार का क्रूर और बर्बर चेहरा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस दमन का सहारा लिया, जिसमें कई छात्राएँ घायल हो गईं। नैंसी अटल ने कहा कि विरोध जताना हर विद्यार्थी का मूल अधिकार है, लेकिन सरकार ने इसे “दमन” से कुचल दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि तीन वर्षों में सरकार ने युवाओं को केवल निराश किया—स्थाई VC नियुक्तियाँ लंबित, SPU विस्तार की मांग ठुकराई, NEP लागू न करना, HPU–SPU ढांचा कमजोर होना और केंद्रीय विश्वविद्यालय का कार्य फाइलों में अटका होना इसका उदाहरण है। रोजगार पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि 5 लाख नौकरियों का वादा झूठ निकला और नशा व अपराध बढ़ते गए।
नैंसी अटल ने चेतावनी दी कि अभाविप अब “सड़कों से सदन तक” सरकार को जवाब देगी और यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दो वर्ष सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद हर अन्यायपूर्ण निर्णय का विरोध जारी रखेगी।