अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह निराशाजनक, जनविरोधी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित है और इसमें न तो विकास की कोई स्पष्ट दिशा दिखाई देती है और न ही प्रदेश के विभिन्न वर्गों के हितों का समुचित ध्यान रखा गया है।
नैंसी अटल ने कहा कि इस वर्ष का बजट आकार लगभग ₹54,928 करोड़ रखा गया है, जबकि पिछले वर्ष 2025-26 में यह ₹58,514 करोड़ था। इस प्रकार इस वर्ष बजट में लगभग ₹3,586 करोड़ की कटौती की गई है, जो सरकार की कमजोर आर्थिक स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों में कटौती कर रही है और प्रदेश को आर्थिक रूप से पीछे ले जा रही है।
शिक्षा क्षेत्र को लेकर उन्होंने विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे पहले से जूझ रही शिक्षा व्यवस्था और कमजोर होगी। प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं, जबकि बुनियादी ढांचे, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों की कमी के कारण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है।
उन्होंने सेमेस्टर प्रणाली को भी लेकर सरकार की आलोचना की। नैंसी अटल ने कहा कि बिना जमीनी परिस्थितियों को समझे सेमेस्टर प्रणाली लागू करना अनुचित है। हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में वर्ष के 5-6 महीने तक भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित रहता है, ऐसे में यह प्रणाली छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक और शैक्षणिक दबाव डालती है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार अपने ही शिक्षा बोर्ड को मजबूत करने के बजाय लगातार सीबीएसई पर निर्भरता बढ़ा रही है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं से हर वर्ष एक लाख नौकरियां देने और पांच वर्षों में पांच लाख रोजगार सृजित करने का वादा किया था, लेकिन इस बजट में रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस योजना या स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 500 कैंपस इंटरव्यू और विदेश रोजगार जैसी घोषणाएं केवल युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास हैं।
महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने का वादा किया गया था, लेकिन अब इसे शर्तों में बांधकर सीमित वर्ग तक लागू करने की बात कही जा रही है, जो स्पष्ट रूप से वादाखिलाफी है।
नैंसी अटल ने कहा कि बढ़ता राजस्व घाटा, बजट के आकार में कमी और खर्चों में कटौती यह दर्शाते हैं कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट न तो युवाओं, न छात्रों, न महिलाओं और न ही किसानों की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है।
अंत में ABVP ने इस बजट की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से मांग की कि वह छात्रों, युवाओं और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।