आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने राष्ट्रीय आह्वान के तहत आज प्रोजेक्ट पौंटा साहिब में आंगनवाड़ी केंद्रों की समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। प्रोजेक्ट अध्यक्ष इंदु तोमर, महासचिव देव कुमारी और जिला कमेटी सदस्य गुलाबी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम पौंटा साहिब के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को मांग-पत्र सौंपा। माया, रजनी, रेशम कौर, शकुंतला, पूनम, मंजू, नीरू, रमा सहित लगभग दो दर्जन कार्यकर्ता इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहीं।
🔴 मुख्य आरोप 1: मातृत्व अवकाश पर अवैध “1 वर्ष की सेवा शर्त”
इंदु तोमर और देव कुमारी ने कहा कि मातृत्व अवकाश को एक वर्ष की सेवा से जोड़ना मातृत्व लाभ अधिनियम 1961, संशोधन 2017 और संविधान अनुच्छेद 42 का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा—“मातृत्व अवकाश पहले दिन से अधिकार है। महिलाओं पर शर्तें थोपना महिला-विरोधी नीति है।”
🔴 मुख्य आरोप 2: आयुष्मान कार्ड के बाद हिम-केयर से वंचित किए जाना
गुलाबी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने के बाद आंगनवाड़ी बहनों के हिम-केयर कार्ड निष्क्रिय हो गए हैं और नए कार्ड बन नहीं पा रहे, जिससे कई परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा से बाहर हो गए हैं। यूनियन ने कहा—“न्यूनतम मानदेय पर काम करने वाली बहनों को दोनों योजनाओं से बाहर करना अमानवीय है।”
🟠 यूनियन की प्रमुख मांगें
तीन माह से लंबित केंद्र मानदेय तुरंत जारी किया जाए, न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता लागू किया जाए, FRS ऐप की अनिवार्यता समाप्त हो, मातृत्व अवकाश पहले दिन से लागू किया जाए, आयुष्मान के बावजूद हिम-केयर लाभ बंद न हों, सभी प्रभावित परिवारों के हिम-केयर कार्ड तुरंत सक्रिय किए जाएँ
🔵 यूनियन की चेतावनी
यूनियन ने स्पष्ट कहा—“यदि समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं हुआ, तो संघर्ष प्रदेश-व्यापी और अधिक तेज़ होगा।” यूनियन ने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी बहनों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
