हमीरपुर || 1 अगस्त 2025 || उपायुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि पशुपालन जैसे पारंपरिक सैक्टर में आज भी व्यापक रोजगार की संभावनाएं मौजूद हैं। यदि इसमें आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक प्रबंधन का समावेश किया जाए तो न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि युवाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे। उपायुक्त हमीरपुर वीरवार को आयोजित एक विशेष कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे, जो पशुपालन क्षेत्र के आधुनिकीकरण और इससे जुड़ी संभावनाओं को लेकर आयोजित की गई थी।
जिला से भेजे जाएंगे सुझाव व प्रस्ताव
उपायुक्त ने बताया कि पशुपालन सैक्टर में सुधार के लिए राज्य स्तर पर एक समग्र कार्य योजना तैयार की जा रही है, जिसके लिए हमीरपुर जिला से भी संभावित योजनाएं, सुझाव और प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सभी संबंधित विभागों और हितधारकों की सामूहिक सहभागिता अनिवार्य है।
व्यापक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
श्री सिंह ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करें, जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जाए:
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पशु चिकित्सा से जुड़ी सुविधाओं का आधुनिकीकरण
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पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम
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दुग्ध उत्पादों का वैज्ञानिक एवं संगठित विपणन
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दुग्ध सहकारी सभाओं का गठन और सुदृढ़ीकरण
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चारे की स्थायी व्यवस्था एवं चारा उत्पादन को बढ़ावा
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आधुनिक मशीनों और तकनीकों का उपयोग
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युवाओं को पशुपालन के प्रति प्रेरित करने की योजना
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स्वयं सहायता समूहों और गौसदनों के सहयोग से सहभागिता मॉडल
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इस रिपोर्ट में कृषि, बागवानी, वन, ग्रामीण विकास, जल शक्ति, उद्योग, सहकारिता विभाग, मिल्क फेडरेशन सहित अन्य विभागों के सुझाव भी शामिल किए जाएं।
विभागीय अधिकारियों व पशुपालकों की भागीदारी
इस अवसर पर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. देवेंद्र कतना ने जिले में पशुपालन की वर्तमान स्थिति, सेवाओं के आधुनिकीकरण, और भावी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. शशिपाल अत्री, मिल्क फेडरेशन की अधिकारी सुनीता कुमारी, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, तथा जिले के प्रगतिशील पशुपालक प्रतिनिधि अनिल कुमार और तरसेम चंद भी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी की रीढ़ माने जाने वाले पशुपालन को और अधिक संगठित व लाभकारी व्यवसाय बनाना समय की आवश्यकता है। इसके लिए सभी विभागों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।