बिलासपुर || 20 मई 2025 || विश्व माप-पद्धति दिवस के उपलक्ष्य में आज कानूनी मापविज्ञान शाखा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (छात्र) बिलासपुर में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “सभी समय के लिए माप, सभी लोगों के लिए” (Measurements for all time, for all people) रही, जिस पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मापन की सटीकता न केवल व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा में भी अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2024–25 के दौरान बिलासपुर मंडल में कुल 44,249 माप यंत्रों की जांच एवं सत्यापन किया गया, सत्यापन शुल्क से रुपये 1,12,64,071 का राजस्व अर्जित किया गया, 3,241 निरीक्षण विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों में किए गए, तथा नियम उल्लंघनों पर रुपये 13,21,500 की संधारण राशि (Composition Amount) के रूप में वसूली की गई।
एडीसी ठाकुर ने बताया कि माप से जुड़ी शिकायतों का समाधान कानूनी मापविज्ञान अधिनियम 2009, पैकेज्ड कमोडिटी नियम 2011 तथा हिमाचल प्रदेश राज्य प्रवर्तन नियम 2011 के तहत त्वरित रूप से किया जा रहा है।
विद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को प्रारंभ से ही उपभोक्ता अधिकारों, वैज्ञानिक मानकों एवं मापन के महत्व के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्तर पर विज्ञान और माप विषयक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का भी आग्रह किया।
प्रवीण सिउटा, सहायक नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान, बिलासपुर ने विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उपभोक्ताओं को पैकिंग वस्तुओं की खरीद के समय निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, भार या आयतन आदि की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं, जिनमें पेट्रोल पंप की मशीनें, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, थर्मामीटर और ब्लड प्रेशर मॉनिटर आदि उपकरणों की जांच की जाती है ताकि उपभोक्ताओं के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो।
उन्होंने यह भी बताया कि उपभोक्ता 1915 हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं, जो प्रभावी रूप से काम कर रही है। इसके अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति 8800001915 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भी अपनी समस्या साझा कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति पैकेजिंग से संबंधित नया व्यवसाय आरंभ करना चाहता है, तो उसे विभाग से पैकर लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक है। विभाग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों की जानकारी के लिए उन्होंने विभाग की वेबसाइट hpwm.hp.gov.in पर अवश्य विजिट करने की अपील की।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्याम लाल, विभागीय अधिकारीगण, व्यापारी, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वक्ताओं ने मापदंडों की भूमिका को विज्ञान, व्यापार और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ते हुए समझाया और विद्यार्थियों को अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक व सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।