प्रदेश सह मंत्री नैंसी अटल ने एक बयान जारी कर कहा कि हिमाचल प्रदेश के ज़िला शिमला में कल रात को तीन छात्राओं के साथ चार मनचले युवाओं ने छेड़छाड़ व मारपीट करने वाली घटना सामने आई है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् महिला अधिकारों के लिए हमेशा आवाज़ उठाती रही है और महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार सहन नहीं कर सकती। उनका कहना है की हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता” के भाव के लेकर चलते है। लेकिन इस तरह की घटनाएं कहीं न कहीं हमारी संस्कृति को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है।
यह घटना लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ हुई थी। देर रात को जब छात्राएं अपनी एक सखी को उसके रूम तक छोड़ने जा रही थी तब चार लड़के आए जो की टूटू और दंड के रहने वाले हैं वह लड़के उनके साथ छेड़छाड़ व मारपीट करने लगे।
नेंसी ने कहा की हिमाचल प्रदेश जिसे देवताओं की भूमि कहा जाता है। विद्यार्थी परिषद् हमेशा ऐसी घटनाओं को प्रशासन के सामने लाने का काम करती रही है व यह मानती है कि बार बार इस तरह की घटनाओं का होना कहीं न कहीं सरकार व प्रशासन की अनदेखी का नतीज़ा है और लंबे समय से हो रही यह घटनाएं अब आम होने को आ गई हैं जिसे विद्यार्थी परिषद् बिलकुल सहन नहीं करेगी। उन्होंने पूरे विश्व में हिमाचल प्रदेश को शांतिप्रिय राज्यों में माना जाता है। लेकिन इस शांतिप्रिय राज्यों में इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही। कहीं न कहीं इसमें सरकार व प्रशासन की बहुत बड़ी कमी है।
ऐसे में विद्यार्थी परिषद सरकार से मांग करती है प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए तथा महिला सुरक्षा को लेकर निर्णायक कदम लिए जाए। इस तरह की घटना प्रदेश में होना देवभूमि की कानून व्यवस्था के लिए चिंतनीय विषय है।
हालांकि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। विद्यार्थी परिषद सरकार से व प्रशासन से मांग करती है की इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा हो व प्रदेश में आगे से ऐसी घटनाएं न हो इसमें भी सरकार और प्रशासन ध्यान दे।