आज राष्ट्र पिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के उपल्क्ष पर एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा पॉटर हिल (समरहिल) पास के क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया गया। इस मौके पर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने दोनों महापुरुषों की तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें याद किया।
हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई महासचिव और विश्वविद्यालय प्रभारी प्रवीण मिन्हास ने कहा की महात्मा गांधी जी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था। उन्होंने “स्वच्छ भारत” का सपना देखा था जिसके लिए वह चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने देश को आजाद करवाने में कई महापुरुषों की तरह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे आजाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री भी बने और भारतीय राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। लाल बहादुर शास्त्री जी ‘जय जवान जय किसान’ नारे के उद्घोषक थे। जब वे प्रधानमंत्री बने तब देश में अनाज का संकट था और मानसून भी कमजोर था। ऐसे में देश में अकाल की नौबत आ गई थी। अगस्त 1965 में दशहरे के दिन दिल्ली के रामलीला मैदान में लाल बहादुर शास्त्री ने पहली बार जय जवान जय किसान का नारा दिया।
इस नारे को भारत का राष्ट्रीय नारा भी कहा जाता है, जोकि किसान और जवान के श्रम को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने लोगों से हफ्ते में एक दिन का उपवास भी रखने को कहा और खुद भी ऐसा किया।