अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार ने पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय पर राजनीति की व अब सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के दायरे को घटा कर विद्यार्थियों को सुविधाएं देने की बजाय, उनका अधिकार छीना है। जिसकी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल कड़ा विरोध करती है।
नेगी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल के कार्यकर्ताओं ने पूर्व की सरकार से मांग की थी, कि हिमाचल प्रदेश में एक और प्रदेश विश्वविद्यालय खोला जाए, ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का भार कम हो सके और प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके। प्रदेश के हर कोने में छात्रों को शिक्षा मुहैया करवाई जा सके।
नेगी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद वर्ष 2009 से लगातार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर की मांग कर रहा था। अनेकों ज्ञापन, आंदोलन, धरने प्रदर्शन, भूख हड़तालें विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई थी। और इन सभी के परिणाम स्वरूप आज केन्द्रीय विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर का काम चला हुआ है। विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश के अंदर सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी को खोलने की मांग की। जिसके लिए विद्यार्थी परिषद के साथ हजारों छात्रों ने मिल कर के ” छात्र हुंकार रैली” के माध्यम से मंडी के सेरी मंच से अपनी आवाज को बुलंद किया। जिसके परिणामस्वरूप सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में खोली गई। परंतु वर्तमान में हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी का दायरा कम करके विद्यार्थियों से उनका अधिकार छीनने का काम किया है।
विद्यार्थी परिषद पिछले 4 सितंबर से हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से प्रदेश से हजारों छात्रों का मत सरदार पटेल विश्वविद्यालय के लिए ले रही है, और उसके पश्चात 8 सितंबर को प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बचाने के लिए धरना प्रदर्शन भी किया गया व आने वाले 11 सितंबर को प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में हजारों की तादाद में छात्र 24 घंटो की भूख हड़ताल पर वर्तमान सरकार के खिलाफ बैठने वाली है।
परिषद का यह स्पष्ट मत है की प्रदेश के हजारों युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए सरदार पटेल विश्वविद्यालय के दायरा घटाने के फैसले को वापस लिया जाए, अन्यथा प्रदेश के छात्रों का आक्रोश सहने के लिए सरकार तैयार रहे।