शिमला || 1 अगस्त 2025 || भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश में लॉटरी योजना को दोबारा शुरू किए जाने पर राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अब प्रदेश में “ले लो सुखों की लॉटरी ले लो” जैसे स्वर सुनाई देंगे, और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले प्रदेश के युवाओं से 1 लाख पक्की नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब लगता है कि सरकार उन्हें नौकरी की बजाय लॉटरी का सपना बेच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की बजाय अपना जीवन दांव पर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1998 में जब प्रो. प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बने थे, तब भाजपा सरकार ने लॉटरी को बंद कर दिया था। इसके बाद 2004 में कांग्रेस ने लॉटरी को फिर शुरू किया और 2007 में वीरभद्र सिंह सरकार ने इसे दोबारा बंद किया था। डॉ. बिंदल ने वादा किया कि भाजपा सत्ता में आने पर फिर से ऐसे फैसलों को पलटेगी।
“हिमाचल नशे और लॉटरी का अड्डा बन गया है”
भाजपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश शराब, चिट्टा, भांग और अब लॉटरी का अड्डा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लोक निर्माण विभाग की जमीनों पर शराब के ठेके तो खोल देती है, लेकिन अगर कोई गरीब किसान सड़क किनारे मक्की बेचे तो उसका चालान कर दिया जाता है।
“दमनकारी रवैया अपना रही है सरकार”
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो भी कर्मचारी या आम नागरिक सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ एफआईआर, ट्रांसफर या विभागीय जांच शुरू कर दी जाती है। उन्होंने दावा किया कि थुनाग में जिन लोगों के घर और जमीनें आपदा में तबाह हो गई थीं, उन्हीं पर देशद्रोह के झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए, जिनमें से एक व्यक्ति अब जेल में है।
6 अगस्त को मंडी में भाजपा का धरना प्रदर्शन
सरकार के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ता देख भाजपा ने 6 अगस्त को मंडी में एक विशाल धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा इस सरकार की दमनकारी और विफल नीतियों के खिलाफ जनता के साथ मिलकर आवाज उठाएगी।
आपदा राहत राशि पर भी उठाए सवाल
डॉ. बिंदल ने प्रदेश सरकार से यह भी पूछा कि आपदा के दौरान राज्य सरकार ने अब तक स्टेट हेड के अंतर्गत कितना पैसा खर्च किया है। उन्होंने दावा किया कि 2022 से 2025 के बीच राज्य सरकार ने मात्र 150 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि केंद्र सरकार ने 7513 करोड़ रुपये की सहायता दी है। इसके अलावा, मनरेगा और आवास योजना के तहत भी सहायता दी गई है।
उन्होंने बताया कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) अब हिमाचल को आपदा में सहायता देने को तैयार है और इस संबंध में केंद्रीय मंत्री श्री मोहनलाल खट्टर से बातचीत हो चुकी है।