नाहन|21 दिसंबर 2024 |हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में “हिमाचल प्रदेश सरकारी भर्ती और सेवाएं शर्तें 2024” अधिनियम लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत, वर्ष 2003 के बाद अनुबंध के आधार पर नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी नहीं माना जाएगा। इसका सीधा असर यह होगा कि इन कर्मचारियों को उनकी सेवा की पिछली तिथि से सरकारी लाभ नहीं मिलेगा।
यह निर्णय चिंताजनक है क्योंकि हजारों कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर अनुबंध नियुक्ति की तिथि से लाभ प्राप्त किया है।
हम हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री से अपील करते हैं, जो कर्मचारी हितैषी माने जाते हैं और जिन्होंने पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करके कर्मचारियों का विश्वास जीता है। हम अनुरोध करते हैं कि इस मुद्दे की पुनः समीक्षा की जाए और कर्मचारियों के साथ विचार-विमर्श किया जाए।
हमारी मांग है कि त्रिलोक ठाकुर अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में संयुक्त सलाहकार समन्वय समिति (JCC) की बैठक शीघ्र आयोजित की जाए। इससे एक सर्वमान्य समाधान निकल सकेगा। इस मांग के लिए पूर्व प्रधान नरेश बत्रा,जसमेर सिंह संदीप सेमवाल, जगजीत सिंह राइ सोरतो तोमर, खाजन सिंह, अनिल कुमार व्सभी शिक्षा खंडो कार्यकारिणी पांवटा से रेखा तोमर, दीप चंद ,अरुण चौहान,शिल्लाई से अशोक राणामनोज राणा, जिया राम, नाहन से अशोक चौहान,सन्नी भाटिया , ददाहू से राजेंदर चौहान , सुरेंदर कुमार सराहन से सीमा शर्मा , हरीश ठाकुर व् राजगढ़ से नरेंदर ठाकुर मनोज कुमार न भी जिला महासंघ की अपील का स्वागत व् समर्थन किया है।