शिमला || 1 अगस्त 2025 || शिमला जिले की सीटू कमेटी ने आज आयुर्वेदिक अस्पताल, छोटा शिमला में सफाई मजदूरों के चार महीने से लंबित वेतन और सुरक्षा कर्मियों की नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ एक जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला कोषाध्यक्ष बालक राम, जिला सचिव हिमी देवी, विवेक कश्यप, दलीप सिंह, कपिल नेगी, श्याम दिप्टा, संजय सामटा, धनेश, अमित, सूरज समेत अन्य सदस्य भी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद, सीटू प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात की और मजदूरों का वेतन तत्काल जारी करने और नौकरी से निकाले गए सुरक्षा कर्मियों की बहाली की मांग की। सीटू ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, और मजदूरों को हड़ताल करने के लिए बाध्य किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप अस्पताल की सफाई व्यवस्था और अन्य सेवाएं ठप्प हो सकती हैं।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजेंद्र मेहरा, बालक राम और विवेक कश्यप ने कहा कि आयुर्वेदिक अस्पताल के मजदूरों पर बंधुआ मजदूरी और गुलामी थोपी जा रही है। “मजदूरों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है, और इस स्थिति में ये मजदूर अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे?” उन्होंने सवाल उठाया। इसके अलावा, नेताओं ने बताया कि मजदूरों ने श्रम कानूनों को लागू कराने के लिए शिमला श्रम कार्यालय में शिकायत की थी, लेकिन आठ महीने से श्रम अधिकारी इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम अधिकारियों की निंदा करते हुए कहा कि ये अधिकारी ठेकेदारों और अस्पताल प्रशासन से मिलीभगत करके मजदूरों के हक को दबा रहे हैं।
मुख्य मुद्दे:
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चार महीने से वेतन की अदायगी नहीं की जा रही।
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मजदूरों को कोई छुट्टियां नहीं दी जातीं, न ही वर्दी मिलती है।
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मजदूरों का पहचान पत्र नहीं दिया गया, जो कि राज्य के कानून के तहत अनिवार्य है।
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ईपीएफ और ईएसआई की सुविधाओं की भी उपेक्षा की जा रही है।
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श्रम कानूनों की अवहेलना और आठ महीने से कोई कार्रवाई न होने पर श्रम अधिकारियों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
सीटू ने यह भी कहा कि अगर इन गंभीर मुद्दों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो मजदूरों को हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर किया जाएगा, और अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।