नाहन 26 जनवरी। 75वें गणतंत्र दिवस का जिला स्तरीय समारोह नाहन चौगान में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्वास्थ्य व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने इस अवसर पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी तथा एनएसएस की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी भी ली। हि.प्र. विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. शांडिल ने कहा कि आज का दिन उन महान विभूतियों और देशभक्तों को स्मरण करने वाला भी है जिन्होंने इस देश की स्वाधीनता के लिये अनेक कुर्बानियां दी। उन्होंने हिमाचल निर्माता डॉ. वाई.एस. परमार की मुर्ति तथा शहीद स्मारक में श्रद्वांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है तथा प्रदेश के युवा सुरक्षा बलों व सैन्य बलों में सेवा करना अपनी शान समझते हैं। प्रदेश सरकार ने सैनिकों तथा भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को अनेक सुविधाएं प्रदान की है। प्रदेश सरकार द्वारा परमवीर चक्र व अशोक चक्र विजेताओं को वार्षिकी के तौर पर तीन लाख रुपये, महावीर चक्र व कीर्ति चक्र विजेताओं को वार्षिकी के तौर पर दो लाख रुपये, वीर चक्र व शौर्य चक्र विजेताओं को वार्षिकी के तौर पर एक लाख रुपये दिए जा रहे हैं।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि युद्ध में शहीद सैनिकों की अनुग्रह अनुदान राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की गई है। अन्य कारणों से वीरगति प्राप्त होने पर सैनिकों की अनुग्रह राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये की गई है। 50 प्रतिशत या अधिक अपंग सेवानिवृत्त सैनिकों की अनुग्रह राशि 2.50 लाख रुपये से 3.75 लाख रुपये की है। 50 से कम प्रतिशत अपंग सेवानिवृत्त सैनिकों की अनुग्रह राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की है। पूर्व सैनिकों को स्वरोजगार योजनाओं के तहत बैंकों के माध्यम से 2.5 प्रतिशित कम दर पर ऋण उपलब्ध करवाने का फैसला किया गया है। पूर्व सैनिकों और पूर्व सैनिकों की विधवाओं को 3,000 रुपये की सामान्य पेंशन दी जा रही है। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों व पूर्व सैनिकों की विधवाओं को क्रमशः 10,000 व 5,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। स्वतंत्रता सेनानियों की सम्मान राशि 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय किया गया है।

 

डॉ. शांडिल ने कहा कि उनकी सरकार का संकल्प हिमाचल को तथा देश का सबसे अमीर राज्य बनाने का है और सरकार इसी दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय जो वायदे किए थे, उन्हें निभाने के लिए हम गंभीर प्रयास कर रहे हैं। ओपीएस बहाल करने की गारंटी पूरी करते हुए हमारी सरकार ने लगभग एक लाख 36 हज़ार छच्ै कर्मचारियों को पुरानी पेंशन जारी कर सौगात दी। जन-जन तक पहुंचने के उद्देश्य से हमने ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम शुरू किया है। हम गांवों में जाकर समस्याओं का शीघ्र समाधान कर रहे हैं। प्रदेश में 30 अक्तूबर, 2023 को पहली बार उप-तहसील और तहसील स्तर पर राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया गया। अब तक रिकॉर्ड 65 हजार से अधिक इंतकाल और 4071 तकसीम के मामलों का निपटारा किया है, जो लंबे समय से रूके पड़े थे।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य बना है जिसने अनाथ बच्चों व बेसहारा वर्गोें के लिए कानून के तहत योजना बनाई है। हमने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना शुरू कर 4 हज़ार अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन आफ द स्टेट के रूप में अपनाया है। उनकी देख-रेख तथा शिक्षा का जिम्मा हमारी सरकार उठा रही है। युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के अपने दूसरे वायदे को पूरा करते हुए हमने 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्ट अप योजना शुरू की। योजना में लाभार्थी को 10 प्रतिशत सिक्यारिटी 25 साल के लिए जमा करवाने पर 70 प्रतिशत बैंक ऋण तथा 30 प्रतिशत इक्विटी सरकार द्वारा दी जाएगी। सरकार ने इन परियोजनाओं से पैदा होने वाली बिजली आगामी 25 वर्षों तक खरीदने का निर्णय भी लिया है। इससे युवाओं को निश्चित आय के साधन मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला वर्तमान में लगभग 1200 लघु एवं मध्यम उद्योग कार्यरत हैं। इन उद्योगों में 145 फार्मा यूनिट भी शामिल हैं। जिला के उद्योगों में 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। उद्योगों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से करीब 35 हजार लोगों के लिये रोजगार उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला में सड़कों की कुल लम्बाई 3426 किलोमीटर है। इनमें 2214 किलोमीटर पक्की जबकि 1212 किलोमीटर कच्ची सड़कंे है। जिला की सभी ग्राम पंचायतों को सड़क से जोड़ा गया है। कुल 971 गांवों में से 837 गांव सड़क से जुड़े हैं। जिला में 53 सड़क परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिला में 1401 पेयजल योजनाएं व 258 सिंचाई योजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। चालू वित वर्ष के दौरान पेयजल, सिंचाई व सिवरेज योजनाओं पर 61 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। यमुना नदी के तटीयकरण के लिये 251 करोड़ की प्रशासनिक अनुमति प्रदान की गई है। मारकण्डे नदी के तटीयकरण के लिये दिल्ली से निविदा की मंजूरी प्राप्त कर ली गई है।

कर्नल धनी राम शांडिल ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कार भी वितरित किए।

इस अवसर पर स्कूली बच्चों व अन्य संस्थानों की छात्र छात्राओं द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का संचालन जिला लोक सम्पर्क अधिकारी प्रेम ठाकुर ने किया।

इसके उपरांत स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिक अस्पताल नाहन का निरीक्षण किया। मरीजों का कुशलक्षेम जाना और अस्पताल में जरूरी व्यवस्थाओं के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

समारोह में विधायक सुख राम चौधरी व अजय सोलंकी, पूर्व विधायक अजय बहादुर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव दयाल प्यारी, जिलाध्यक्ष आनंद परमार, नाहन कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान चौधरी, नगर परिषद के पार्षदगण, कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधि, कार्यकारी उपायुक्त एल.आर. वर्मा, पुलिस अधीक्षक रमण कुमार मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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