बिलासपुर || 26 जून || अंतरराष्ट्रीय दवा दुरुपयोग तथा अवैध तस्करी/ व्यापार निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सौजन्य से तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर के दिशा निर्देश के तहत जिला स्तरीय ऑब्जरवेशन कार्यक्रम गुरुकुल भारती कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन वेनला में प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि की अध्यक्षता में मनाया गया।

हेल्थ एजुकेटर विजय कुमारी शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को दवा दुरुपयोग तथा इसके अवैध व्यापार के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है और इस वर्ष यह दिवस एक कैंपेन के रूप में मनाया जा रहा है, और यह कैंपेन 26 जून से 10 जुलाई 2024 तक चलाई जा रही है ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे । यह कैंपेन एक स्लोगन के साथ “स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, नशे से दूरी बनाएं, एचआईवी /एड्स की सही जानकारी पाएं” चलाई जा रही है।

यह एक तरफ़ लोगों में जागरूकता फैलाता है, वहीं दूसरी ओर नशे के लती लोगों के उपचार की दिशा में भी महत्त्वपूर्ण कार्य करता है। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस 2024 का थीम ” साक्ष्य स्पष्ट है: रोकथाम में निवेश करें” (The evidence is clear:Invest in Prevention”) ये विषय दुनिया की वर्तमान स्थिति की ओर ध्यान केंद्रित करने के लिए तय किया गया है जो मानव के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही विनाशकारी है। इस अवसर पर मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी एवं सेवन के दुष्परिणामों से लोगों को अवगत कराया जाता है ।

गौरतलब है कि नशा तस्करी के कारण हर प्रकार के क्राईम की वृद्धि हो रही है, समाचार पत्रों से पता चलता है कि उत्तर भारत में हेरोईन, चरस, गांजा, अफीम तस्करी के मामले सामने आए हैं। यह सब अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान की तरफ से तस्कर होता है। पहले पंजाब में प्रभाव ज्यादा होने के कारण हरियाणा के भी आधा दर्जन से भी अधिक जिले नशे की गिरफ्त में हैं। नशीले पदार्थों में गांजा, भांग, गुटका ,खैणी ,तम्बाकू,अफीम ,कोकीन, शराब आदि का सेवन स्वास्थ्य के प्रति से बहुत ही हानिकारक है। इनसे हार्ट अटैक, कैंसर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, गैंग्रीन ,नपुंसकता, आंखों की अंधता आदि दूसरे कई भयानक हो जाते हैं। एचआईवी /एडस तथा हेपेटाइटिस जैसी भयानक बीमारियों को फैलाने तथा होने के लिए भी नशा जिम्मेदार है क्योंकि एक ही सुई से कई लोग ग्रुप में बैठकर नशा इंजेक्ट करते हैं फल स्वरुप यह बीमारियां एक दूसरे को बांट देते हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 25 करोड़ से अधिक लोग सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, गुटखा, पान मसाला किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं।

पूरे विश्व में धूम्रपान करने वाले लोगों की 12% आबादी भारत में है। तंबाकू से संबंधित बीमारियों से लगभग 50 लाख लोग प्रतिवर्ष मारे जाते हैं । जिनमें करीब डेढ़ लाख महिलाएं हैं ।भारत पूरे विश्व में दूसरे नंबर पर है, जहां सबसे अधिक धूम्रपान किया जाता है । तंबाकू को लगातार सेवन करने से मुंह के अंदर की म्यूकोसाक् गलने लगती है। प्राथमिक अवस्था में रोगी को तीखा खाने में दिक्कत होने लगती है। धीरे धीरे मुंह के अंदर सफेद निशान बनने लग जाते हैं। मुंह धीरे-धीरे कम खुलने लग जाता है और रोगी को खाना खाने में बहुत दिक्कत होती है।

लगातार सेवन करने से मुंह के अंदर अथवा जीभ पर घाव बन जाता है और यह कैंसर का कारण भी बन सकता है।तंबाकू का सेवन करने वाले व्यक्ति के दांत और मसूड़े धीरे-धीरे कमजोर होने लग जाते हैं, दांत जल्दी जल्दी गिर जाते हैं और मसूड़ों से खून निकलने लगता है। तंबाकू से बने उत्पादों के द्वारा धूम्रपान करने से कैंसर,हृदय रोग, डायबिटीज होने की संभावना रहती है। धूम्रपान से निकल ने वाला केमिकल एवं निकोटिन नर्वस सिस्टम पर कार्य करता है।नशा जब व्यक्ति को लत लगा देता है तो नशा माफिया युवा वर्ग को अपनी गिरफ्त में ले लेते हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से आवाहन किया की नशे को हमेशा ना कहें नशा करने वाले की संगत ना करें किसी अनजान व्यक्ति या जिस पर भरोसा ना हो के द्वारा दी गई कोई भी चीज का सेवन ना करें। नशे की लत में फंसे व्यक्ति को नशा निवारण केंद्र तक नशा छुड़ाने के लिए जरूर पहुंचाएं। जिला अस्पताल बिलासपुर में भी नशा मुक्ति केंद्र है।

उन्होंने बताया कि दवा दुरुपयोग तथा अवैध तस्करी के खिलाफ एनडीपीएस ( NDPS act)एक्ट लागू किया है जिसके अंतर्गत नशीले पदार्थों की खेती संग्रहण या किसी खरीद व प्रयोग करने पर तथा साथ ही परिवहन पर भी प्रतिबंध है ।उल्लंघन करने पर कानूनी तौर पर जुर्माना व सजा का प्रावधान है। कोटपा एक्ट (COTPA act) के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि तंबाकू और तंबाकू के उत्पादों का सेवन सार्वजनिक स्थलों पर, किसी भी शिक्षण संस्थान के बाहर 100 गज की दूरी पर तंबाकू या इसके उत्पादों को बेचना ,18 वर्ष से छोटे बच्चों को यह उत्पाद वेचना कानूनी जुर्म है और सजा के अंतर्गत आता है। इसी एक्ट के तहत तंबाकू तथा इसके उत्पादों का कोई भी किसी भी तरह का विज्ञापन करना भी कानूनी जुर्म है और साथ में तंबाकू या तंबाकू के उत्पादों पर स्वास्थ्य के लिए चेतावनी संबंधित पिक्टोरियल डिपिक्शन होना भी बहुत जरूरी है।

एड्स काउंसलर नीना शुक्ला ने एचआईवी/ एड्स पर विस्तृत जानकारी दी । 1097 हेल्पलाइन नंबर पर एचआईवी /एड्स के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है और 1800110031 टोल फ्री नंबर है जिस पर आप नशे से बचने के लिए तथा नशे से बचाव की जानकारी पा सकते हैं ,1800112356 टोल फ्री नंबर पर तंबाकू या तंबाकू से बने पदार्थो की लत से बचने के लिए तथा इसके दुष्प्रभावों की जानकारी प्रदान की जाती है । उन्होंने परीक्षार्थियों के माध्यम से युवा पीढ़ी से आवाहन किया कि वे अपने आप को नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और सबल समाज का निर्माण करें ।इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग तथा स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता कराई गई जिसमें 10 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।

प्रोत्साहन के तौर पर उन्हें इनाम वितरित किए गए। पोस्टर मेकिंग में फर्स्ट प्राइज शाहिना दूसरा प्राइस पल्लवी तथा तृतीय प्राइस वंदना ने प्राप्त किया स्लोगन राइटिंग कंपटीशन में पहले प्राइस शिवानी, दूसरा वंदना, तीसरा खुशबू ने प्राप्त किया प्रशिक्षण पा रहे छात्रों सहित 60 लोगों ने इसमें भाग लिया।

Leave a Comment