उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जिला में मानसून के चलते हो रही भारी बारिश से हुए नुकसानों की समीक्षा की। उन्होंने सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों से फोन के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।
24 घंटे निगरानी और रेस्क्यू पर जोर
सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी और रेस्क्यू कार्य करेंगे।
अधिक नुकसान की संभावना वाले क्षेत्रों में पहले से ही मशीनरी तैनात की जाए।
आपदा की स्थिति में प्रशासन को कम से कम समय में राहत कार्य शुरू करना होगा।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में भारी बारिश के कारण 4 लोगों की मौत हुई है।
6 मुख्य मार्ग और 261 लिंक रोड बंद
1 सितंबर को शिमला जिला में:
6 मुख्य मार्ग बंद रहे।
261 लिंक रोड पूरी तरह ठप रहे।
722 डीटीआर में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
278 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुईं।
उपमंडलवार स्थिति:
शिमला ग्रामीण: 2 लिंक रोड बंद
सुन्नी: 6 लिंक रोड बंद
कोटखाई: 50 लिंक रोड बंद
ठियोग: 87 रोड बंद
चौपाल: 15 रोड बंद
रोहड़ू: 8 रोड बंद
रामपुर: 20 रोड बंद
कुमारसेन: 24 रोड बंद
डोडरा क्वार: 1 रोड बंद
कुपवी: 8 रोड बंद
जुब्बल: 40 लिंक रोड बंद
सेब यातायात पर असर न पड़े
उपायुक्त ने कहा कि सेब सीजन में कोई भी मार्ग बाधित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए कि सभी बाधित मार्गों को जल्द बहाल किया जाए।
पानी और बिजली की आपूर्ति बहाल करने के निर्देश
प्रभावित पेयजल योजनाओं को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश।
जिन योजनाओं में गाद आने से जल आपूर्ति रुकी है, उन्हें भी तुरंत सुधारें।
लोगों को साफ पानी की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बिजली आपूर्ति बाधित परियोजनाओं को जल्दी ठीक करें और कर्मचारियों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
विभागों को टीम तैयार रखने के आदेश
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे मेडिकल, वन, लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग की टीम तैयार रखें ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।