जिला सिरमौर के पछाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नैना टीककर पंचायत के थल्पा गाँव मे अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की कृषि भूमि और आवास तहस नहस होने की कगार पर पहुँच गये गये है। यह बात आज जिला मुख्यालय नाहन में प्रेस वार्ता के दौरान सीटू जिला सिरमौर के महासचिव के आशीष कुमार ने कही।
दरअसल आज स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधीश सिरमौर से मिला जिसके बाद एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया। मीडिया से बात करते हुए आशीष कुमार ने कहा की माना के प्रदेश मे प्राकृतिक आपदाए आ रही है परन्तु थल्पा गाँव मे ये आपदा मानव निर्मित है। एक कम्पनी जो नीजी रिसार्ट बना रही है कम्पनी के लोगों ने यंहा अवैध खनन और अवैध तरिके से सरकारी और लोगों की नीजी जमीनों को कब्जा कर तहस नहस कर दिया है। आशीष कुमार और स्थानीय लोगों ने बताया की उपरोक्त् रिसोर्ट बना रही कम्पनी के खिलाफ पहले भी पुलिस और प्रशासन को शिकायत दर्ज करवाई गई मगर इस पर कोई संतोष जनक कार्रवाई नही हुई है। लगभग 2 वर्ष पूर्व एक समझौते मे निर्माण करने वाली प्रबंधन के लोगों ने लिखित मे एक समझौता किया था परन्तु उस पर भी प्रबंधन ने कोई त्वरित कार्रवाई नही की और न हि प्रशासन द्वारा संज्ञान लिया गया।
आशीष कुमार ने कहा की इसमे पंचायत प्रधान और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल उठाये जा सकते है। प्रभावित लोग और जमीन अनुसूचित जाति वर्ग की है जिससे लोगों को गुजर बसर करने और रात को रुकने मे भी दूसरे के घर मे आश्रय लेना पड़ रहा है। सीटू महसचिव जिला सिरमौर ने कहा की लोग अपनी जिंदगी की सारी जमा पूंजी लगा कर घर बनाते है परन्तु प्रशासन के ढूल मूल रवैये और स्थानीय पंचायत के प्रधान का बिना तप्तीश किये अनापति प्रदान करना इनको संदेह के दायरे मे लाता है। आशीष कुमार ने कहा की ये कोई प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि अपने ऐशो आराम के लिए किये जा रहे अवैध खनन और अवैध डंपिंग को जो प्रोत्साहन मिल रहा है ये उसके हि नतीजा है। इससे अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के आशियाने उजाड़े जा रहे है।
आशीष कुमार ने बताया की प्रशासन ने 2 अगस्त तक का समय दिया है यदि स्थानीय लोगों को जमीन का मुआवाजा और नुक्सान की भरपाई नही की गई तो उस क्षेत्र मे स्थानीय लोगों की अगुवाई मे इस तरह के जोखिम भरे निर्माण को रोका जायेगा।