राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफार्म (NFDP) मोबाइल ऐप का शुभारंभ

rakesh nandan

12/03/2025

बिलासपुर || 12 मार्च 2025 || निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य विवेक चंदेल (भा.प्र.से.) ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफार्म (NFDP), भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है। यह प्लेटफार्म प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM&MKSSY) के अंतर्गत विकसित किया गया है, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की एक उप-योजना है। इस प्लेटफार्म का उद्देश्य देशभर के मत्स्य किसानों, मत्स्यजीवियों और अन्य हितधारकों के लिए सुव्यवस्थित और पारदर्शी डिजिटल सेवा प्रणाली तैयार करना है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सुगमता से मिल सके।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने इस डिजिटल पहल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए NFDP मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिससे अब सभी मत्स्यजीवी और मत्स्य किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ही पंजीकरण कर सकते हैं। इससे पहले यह पंजीकरण केवल पोर्टल (https://nfdp-dof-gov-in/nfdp/4/bl) के माध्यम से किया जा रहा था। अब मोबाइल ऐप की सुविधा से पंजीकरण प्रक्रिया सरल और सुगम हो गई है, जिससे बड़ी संख्या में मत्स्य पालन से जुड़े लोग आसानी से अपने विवरण सरकार के डेटाबेस में दर्ज करा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि NFDP मोबाइल ऐप का शुभारंभ 8 मार्च 2025 को हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित मत्स्य पालन स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह द्वारा किया गया। यह ऐप मत्स्य पालन से जुड़े हितधारकों को डिजिटल सेवाओं और संसाधनों तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। मत्स्य पालन से जुड़े किसानों और व्यवसायियों को अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस ऐप के माध्यम से वे अपने घर बैठे पंजीकरण कर सकते हैं और भविष्य में सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं और अनुदानों का लाभ सीधे अपने खाते में प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में लगभग 20,000 से अधिक लोग मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। इनमें से 9,615 मत्स्यजीवी जलाशय मात्स्यिकी से जुड़े हैं, 6,091 मत्स्यजीवी नदीय मात्स्यिकी से जुड़े हैं, और शेष मत्स्य किसान ट्राउट एवं कार्प मत्स्यपालन के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं। इन सभी मत्स्य किसानों, मत्स्यजीवियों और अन्य हितधारकों का NFDP पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है ताकि सरकार के पास एक व्यवस्थित डिजिटल डेटाबेस उपलब्ध हो और भविष्य में उन्हें विभिन्न लाभकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के 7,732 मत्स्यजीवी और मत्स्य किसान NFDP पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। शेष बचे हुए सभी किसानों और व्यवसायियों से आग्रह किया जाता है कि वे शीघ्रातिशीघ्र इस सुविधा का लाभ उठाकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि NFDP पोर्टल पर पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर का आधार से लिंक होना आवश्यक है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सरकारी योजनाओं और अनुदानों का लाभ सही लोगों तक पहुंचे, पंजीकरण प्रक्रिया को आधार लिंक के साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा, पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, निवास प्रमाण पत्र और मत्स्य पालन से संबंधित जानकारी आवश्यक होगी। सरकार की यह पहल न केवल मत्स्य किसानों और व्यवसायियों को सशक्त बनाएगी, बल्कि मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य विवेक चंदेल (भा.प्र.से.) ने सभी मत्स्य किसानों, मत्स्यजीवियों और हितधारकों से अपील की है कि वे शीघ्रातिशीघ्र NFDP मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करें। इससे सरकार को मत्स्य पालन क्षेत्र में कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी और हितधारकों को सरकारी लाभों तक सीधी पहुंच मिल सकेगी। भविष्य में मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी इसी प्लेटफार्म के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।

NFDP मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। सभी मत्स्य पालन से जुड़े हितधारक शीघ्र पंजीकरण कर सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करें।

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