सांसद शिमला संसदीय क्षेत्र सुरेश कश्यप राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेला सरांह में भाजपा समर्थित चुने हुए प्रतिनिधियों को निमंत्रण ना देने पर अपना विरोध जताया है।
सांसद ने एसडीएम द्वारा मेला में न बुलाने के सवाल पर जिला प्रशासन पर राजनीति करने की आरोप लगाए हैं। मेले में चुने हुए भाजपा जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण ना देने पर भाजपा के नेता उग्र हुए हैं और जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया हैं।
नाहन में मीडिया से रूबरू हुए शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मेले का राजनीतिकरण करने पर जिला प्रशासन की कड़ी निंदा की है। सांसद ने कहा कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के चलते यहां भाजपा के चुने हुए जनप्रतिनिधियों पंचायत प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला परिषद समेत क्षेत्र से चुने भाजपा विधायक को भी मेले के लिए निमंत्रण नहीं दिया है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सांसद ने कहा है कि ऐसा राज्य स्तरीय मेले में पहली बार देखने को मिला है जब चुने हुए प्रतिनिधियों की अनदेखी की गई हो। उन्होंने कहा कि सरकार आती हैं और चली जाती है लेकिन जिला प्रशासन को सरकारी कार्यक्रमों में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण अवश्य देना चाहिए।
सांसद ने कहा की भाजपा की सरकार के दौरान कभी ऐसा देखने को नहीं मिला। लेकिन अब कांग्रेस के नेता प्रशासन के अधिकारियों पर दबाव बनाकर मेले का राजनीतिकरण कर रहे हैं जिस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जब उन्होंने मेले के आयोजन की तैयारी को लेकर संबंधित एसडीएम से बात की और पूछा कि भाजपा के चुने जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण क्यों नहीं दिया गया तो एसडीएम ने जवाब दिया कि उनके ऊपर बहुत प्रेशर है। सांसद ने कहा कि अधिकारी भी अगर इस तरह राजनीतिक प्रेशर की बात कहेंगे तो इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि मेले का किस स्तर तक राजनीतिकरण किया गया है।