नाहन || 2 अगस्त 2025 || सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की जिला महासचिव वीना शर्मा, उपाध्यक्ष इंदु तोमर, देवकुमारी, माया, सीता तोमर, पूर्व जिला अध्यक्ष नीलम शर्मा, प्रोजेक्ट नाहन की महासचिव शीला ठाकुर, अध्यक्ष सुमन, तथा प्रोजेक्ट संगड़ाह की अध्यक्ष नीलम व महासचिव शीला ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर महिला एवं बाल विकास विभाग की हालिया नीतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा है कि विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर वेलफेयर विभाग के कार्यों को थोपना न केवल अनुचित है, बल्कि यह बाल विकास विभाग के मूल उद्देश्यों को भी प्रभावित करेगा।
वीना शर्मा व अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि:
“आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मूल कार्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण व स्वास्थ्य की देखभाल, शाला पूर्व शिक्षा, टीकाकरण एवं संदर्भ सेवाओं का प्रावधान है। ऐसे में उन्हें वेलफेयर विभाग के कार्य सौंपना तर्कसंगत नहीं है। यदि सभी कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ही करवाने हैं तो तहसील कल्याण अधिकारी और वेलफेयर डिपार्टमेंट की भूमिका का क्या औचित्य रह जाता है?”
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में कार्यकर्ताओं को “पोषण ट्रैकर” में फेस कैप्चरिंग जैसे तकनीकी कार्यों की भी जिम्मेदारी दी गई है, जिसकी पूर्ति अच्छे मोबाइल उपकरण और बेहतर नेटवर्क के अभाव में संभव नहीं हो पा रही है।
यूनियन की प्रमुख मांगें:
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विभाजन स्पष्ट किया जाए: वेलफेयर विभाग के कार्यों को अलग रखा जाए, और इन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर न थोपें।
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कार्यभार का पुनर्मूल्यांकन हो: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का पुनः आकलन किया जाए।
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निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए: विभाग इस असंगत निर्णय को शीघ्र रद्द करे और अनावश्यक कार्यभार हटाए।
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सुविधाएं प्रदान की जाएं: तकनीकी कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए बेहतर मोबाइल उपकरण और नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।
यूनियन ने विभाग से अपील की है कि वह इस मामले में अविलंब हस्तक्षेप कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।