औद्योगिक मजदूरों के मुद्दों पर प्रदेश स्तरीय अधिवेशन बीबीएन क्षेत्र सोलन में आयोजित किया गया। अधिवेशन में सीटू राष्ट्रीय सचिव के एन उमेश, सचिव कश्मीर सिंह ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, ओमदत्त शर्मा, दलजीत सिंह, मोहित वर्मा, राकेश ठाकुर सहित दो सौ से ज़्यादा औद्योगिक मजदूरों ने भाग लिया। अधिवेशन में निर्णय लिया गया कि औद्योगक मजदूरों की मांगों को लेकर 27 नवम्बर को हज़ारों मजदूरों का शिमला में महापड़ाव होगा।

सीटू राष्ट्रीय सचिव के एन उमेश व कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि यह महापड़ाव मजदूरों का न्यूनतम वेतन 26 हज़ार रुपये घोषित करने, मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों को रद्द करने, आउटसोर्स, नीम, सीता, ठेका प्रथा, कैज़ुअल, टेम्परेरी, पार्ट टाइम, नीति पर रोक लगाने आदि मांगों को लेकर होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि केन्द्र की मोदी सरकार की नवउदारवादी व पूंजीपति परस्त नीतियों के कारण बेरोजगारी, गरीबी, असमानता व रोजी रोटी का संकट बढ़ रहा है। बेरोजगारी व महंगाई से गरीबी व भुखमरी बढ़ रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कमज़ोर करने के कारण बढ़ती मंहगाई ने जनता की कमर तोड़ कर रख दी है
पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस, खाद्य वस्तुओं के दामों में भारी वृद्धि हो रही है। उन्होंने *न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह और सभी श्रमिकों को पेंशन सुनिश्चित करने; मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं और बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने, कॉन्ट्रेक्ट, पार्ट टाइम, मल्टी पर्पज, मल्टी टास्क, टेम्परेरी, कैज़ुअल, फिक्स टर्म, ठेकेदारी प्रथा व आउटसोर्स प्रणाली पर रोक लगाकर इन सभी मजदूरों को नियमित करने की मांग की।*