उपायुक्त बिलासपुर में प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले विजेताओं और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित
बिलासपुर || 16 जनवरी 2025 || भाषा एवं संस्कृति विभाग, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित सात दिवसीय “मिट्टी की वस्तुएं, चित्रकला, लोकगीत व लोकनृत्य कार्यशालाएं” का समापन समारोह आज सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त बिलासपुर, आबिद हुसैन सादिक ने शिरकत की। उन्होंने सभी विजेताओं और प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। पॉटरी प्रतियोगिता में कश्वी ने प्रथम, संवि ने द्वितीय और अंजलि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला (जूनियर कैटेगरी) में संवि ठाकुर, मन्नत और एंजेल सहगल क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे, जबकि सीनियर कैटेगरी में अन्वी, सृष्टि और करीमा विजेता बने। लोक गीत प्रतियोगिता में वैष्णवी ने प्रथम, गौरांवित ने द्वितीय और दीपांशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें लोक सॉन्ग के लिए डॉ. लहरूराम, संख्या संदेश शर्मा और नरेंद्र दत्त, फोक डांस के लिए फुल चंदेल और सुमन चढ़ा, पॉटरी के लिए भूपेंद्र गुलरिया और अरुण गुलरिया तथा पेंटिंग के लिए प्रियंका और सिमरन शामिल रहे। प्रशिक्षकों ने इस शिविर को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपायुक्त बिलासपुर ने सभी विजेताओं और प्रशिक्षकों को विभाग की ओर से सम्मानित किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि स्थानीय कला और संस्कृति के संरक्षण में भी सहायक होते हैं।
जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि इस शिविर में विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया और चित्रकला, पॉटरी, ग्रुप सॉन्ग व फोक डांस की कला सीखी। उन्होंने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य बच्चों में कला और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाना और उनके रचनात्मक कौशल को निखारना है। बताया कि विभाग भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन करेगा और इसके दायरे को और विस्तृत किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक बच्चों और प्रशिक्षकों को इसका लाभ मिल सके।