बिलासपुर || 1 अगस्त 2025 || मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के बढ़ते जोखिम को देखते हुए जनसाधारण से सतर्कता और एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह रोग एक जीवाणुजनित संक्रमण है, जो संक्रमित चिगर (एक प्रकार का कीट) के काटने से फैलता है और विशेषतः मानसून के दौरान अधिक सक्रिय होता है। सीएमओ ने बताया कि स्क्रब टायफस से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोग और खेतों में जाने वाले श्रमिक पूरी बांह के कपड़े, पैरों को ढकने वाले वस्त्र पहनें। साथ ही, झाड़ियों को न बढ़ने देना, घर के आस-पास सफाई रखना, और काम के बाद स्नान करना भी आवश्यक है। पालतू जानवरों की नियमित सफाई करने की सलाह भी दी गई है। उन्होंने बताया कि लोग हरी घास पर बैठने या लेटने से बचें, और जमीन पर न सोएं, ताकि संक्रमित कीड़ों के संपर्क से बचा जा सके।
गहन निगरानी और त्वरित रिपोर्टिंग के निर्देश
सीएमओ डॉ. शर्मा ने जानकारी दी कि जिले भर में गहन केस आधारित निगरानी प्रणाली शुरू कर दी गई है। इस संदर्भ में सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
संदिग्ध मामलों की IgM ELISA जांच के पश्चात मानक प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार किया जाएगा, और मामलों को IHIP एवं IDSP पोर्टल पर त्वरित रिपोर्ट किया जाएगा, ताकि समय रहते रोग नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
दवाओं की उपलब्धता और जनजागरूकता पर जोर
डॉ. शर्मा ने बताया कि स्क्रब टायफस के उपचार हेतु सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्सीसाइक्लिन और एजिथ्रोमाइसिन दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जन-जागरूकता अभियान को भी तेज किया जाएगा, जिसमें पंचायती राज संस्थानों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूल स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्क्रब टायफस जैसे मौसमी रोगों के प्रति लापरवाही न बरतें, और कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।