अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री यदि राजनीति करने की जगह एसपीयू के लिए विकास कार्य करते तो उन्हें समझ आती शिक्षा की गुणवत्ता। शिक्षा मंत्री ने हाल ही में दिए अपने बयान में कहा है कि पूर्व सरकार ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय को केवल राजनीतिक लाभ देखते हुए खोला और वर्तमान में वहां पर स्थाई शिक्षक गैर शिक्षक कर्मचारी भी नहीं है। लेकिन वर्तमान समय में तो दस महीनों से कांग्रेस की सरकार है और वर्तमान की सरकार ने एक बार भी विश्वविद्यालय के भवन निर्माण से लेकर विद्यार्थियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की सुध तक नहीं ली।

अभाविप हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने कहा कि वर्तमान की सरकार विद्यार्थियों के साथ धोखा करते हुए सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बंद करने पर तुली हुई है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय का दायरा घटाने का फैसला लिया है जो बिल्कुल भी छात्र हित में नहीं है। सरदार पटेल विश्वविद्यालय प्रदेश का दूसरा विश्वविद्यालय है और यह पूरे प्रदेश की बहुत बड़ी मांग है। दूर दराज के क्षेत्र से शिमला पहुंच पाना बहुत ही मुश्किल है और दूर-दराज से पढ़ने वाले छात्रों को यदि कोई आवश्यक काम आ जाए तो उन्हें काफी लंबा सफर तय करना पड़ता है।

विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश के लाखो युवाओं के साथ इस विश्वविद्यालय के लिए लंबी निर्णायक लड़ाई लड़ी है | वह जिस प्रकार की राजनीति प्रदेश की सरकार कर रही है तो विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार को यह चेतावनी देना चाहती है की अगर सरदार पटेल विश्वविद्यालय को खोलने के लिए हजारों विद्यार्थियों के साथ छात्र हुंकार रैली कर सकती है तो हजारों विद्यार्थियों द्वारा लंबी लड़ाई के बाद खोले गए इस विश्वविद्यालय को बचाने के लिए प्रदेश के हजारों युवाओं को एकत्रित कर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने से पीछे नहीं हटेगी वह प्रदेश सरकार से यही आग्रह करती है कि वह राजनीति का खेल ना बनाते हुए विश्वविद्यालय को एक शिक्षण संस्थान ही रहने दे और जो फैसला विश्वविद्यालय का दायरा घटाने का लिया गया है उसे जल्द से जल्द वापस ले।

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