सिरमौर || 2 अगस्त 2025 || प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार द्वारा जनहितैषी और कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे परिवारों को 1 लाख 50 हज़ार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है ताकि वे पक्का और सुरक्षित मकान बना सकें।
मुख्यमंत्री आवास योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य गरीब, बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों, अधिक वर्षा और बर्फबारी के चलते यह योजना विशेष रूप से आवश्यक है, क्योंकि कच्चे मकानों में रहना यहां के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
जिला सिरमौर के पांवटा साहिब की भुंगरनी पंचायत की 78 वर्षीय मलकीत कौर इस योजना की एक सफल लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में रहता था, जहां दीवारें बारिश में गीली होकर टूट जाती थीं और छत से पानी टपकता था। सर्दियों की ठंडी हवाएं मकान की दरारों से अंदर आती थीं, जिससे कई बार बरसात में रात बिताने के लिए उन्हें पड़ोसियों के घर शरण लेनी पड़ती थी।
मलकीत कौर ने कहा कि उनके बेटे की अकस्मात् मृत्यु के बाद परिवार की स्थिति और भी खराब हो गई थी। उनके पति मजदूरी करके घर चलाते थे, लेकिन आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। पिछले वर्ष पति के निधन के बाद स्थिति और भी कठिन हो गई थी।
पंचायत सचिव द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना की जानकारी मिलने पर मलकीत कौर ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया। शीघ्र ही उनका नाम योजना के लाभार्थियों में शामिल कर 1 लाख 50 हज़ार रुपए की राशि तीन किस्तों में प्रदान की गई। इसके साथ ही मनरेगा के तहत मजदूरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे मकान का निर्माण तेजी से पूरा हो सका।
मलकीत कौर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का तहेदिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें सर छुपाने के लिए एक पक्का और सुरक्षित आशियाना दिया, जो उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है।
यह योजना प्रदेश के अनेक गरीब परिवारों के लिए आशा की नई किरण साबित हो रही है, जो न केवल बेहतर आवास उपलब्ध कराती है बल्कि उनके जीवन स्तर को भी बेहतर बनाती है।