नाहन || 12 नवंबर 2024 || दलित शोषण मुक्ति मंच जिला सिरमौर की बैठक आज नाहन में नाहन ब्लॉक के संयोजक जगदीश पुंडीर जी की अध्यक्षता में की गई बैठक में मंच की गतिविधयों पर चर्चा की गई। मुख्यता बैठक का संचालन करते हुए दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार ने किया।

बैठक में जातिवादी जेल मेनूयल पर सुप्रीम कोर्ट के 3 अक्टूबर के फैसले का स्वागत किया । दलित शोषण मुक्ति मंच का मानना था की ये कदम काफी समय से लंबित था और आदर्श रूप से इसे निर्वाचित सरकारों द्वारा शुरु किया जाना चाहिए था ,जिनका सामजिक और संस्थागत भेदभाव को मिटाने का संवैधानिक कर्तव्य है।

जिला संयोजक आशीष कुमार ने कहा की आज भी हिमाचला प्रदेश के जेल मेनुअल में भी कुछ जातिवादी प्रावधान है जिनको दुरुस्त करने की आवश्यकता है हिमाचल प्रदेश के जेल मेनुअल के पेज संख्या 270 के 26.69 में साफ साफ इस बात का जिक्र किया गया जिसको बदलने की जरूरत है क्यूंकि ये भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 अनुच्छेद समानता का अधिकार, 15 भेदभाव का निषेध ,,21 जीवन के अधिकार , और् अनुच्छेद 23 जबरन श्रम निषेध का उलंघन है , दलित शोषण मुक्ति मंच जिला सिरमौर ने बैठक मे सर्वसम्मति से सरकार से जेल मैन्युअल को बदलने की माँग की है।, इसके अतिरिक्त जिला संयोजक आशीष कुमार ने कहा की प्रदेश में शामलात् भूमि के आबंटन में भ्रष्टाचार हो रहा है जोकि हिमाचल प्रदेश विलेज कॉमन लैंड वेस्टिंग यूटिलाइजेशन एक्ट 1974 को उलंघन है , आशीष कुमार ने कहा की ये एक्ट संविधान की 9 वी अनुसूची में शामिल है , जब 2002 में इसमे अमेंडमेंट किया गया जिसके लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति जरूरी बनती है , मगर बिना ऐसा किये हि शामलत भूमि का आबंटन कर दिया गया और ऐसी भूमि का भी आबंटन कर दिया जबकी 1950 से पहले जिस जमीन पर मामला दिया जाता था वही जमीन वापिस होनी चाहिए थी हुआर जिस जमीन पर सरकार की प्रॉपर्टी बन गई थी वो सरकार को हि वापिस जानी थी , इसके अतिरिक्त 25 प्रतिशत जमीन जो कॉमन रखी गई थी उसका भी बाँटवारा कर दिया गया जबकी कानून रूप से ये हो नहीं सकता था । आशीष कुमार ने कहा की 1972 में सरकार में वेस्ट होने से पहले जिस शामलात भूमि की तकसीम हो गई थी और 25 प्रतिशत रकबे जो कॉमन यूज के लिए रखे गये थे आज उसकी भी तक़सीम हो गई है जोकि गैर कानूनी है , सरकार को इसकी जांच करवाई जानी चाहिए, इसके अतरिरिक्त मैक्सिमम सीलिंग से ज़्यादा लोगों के जमीन पर मालिकाना हक बन रहे है । दलित शोषण मुक्ति मंच सरकार से माँग करता है की 2027 के बाद इन शामलात भूमि की खरीद फरोक्त पर अनिश्चित काल के लिए प्रतिबंध लगा देना चाहिए जब तक की शामलत भूमि का बंटवरा नियमानुसार न हो और साथ में ये भी मांग करता है की शामलात जमीन पर हर उस व्यक्तिनको हिस्सेदारी मिले जो भूमिहीन है चाहे वो किसी भी जाति या वर्ग का क्यों नहीं है । बैठक में अनुसूचित जाति के शॉर्टफाल से खाली पड़े पदो को भरने की मांग की गई और 85 वें संविधान संशोधन को लागु करने की भी मांग की गई , मंच ने मांग की है अनुसूचित जाति निगम में लोन के लिए इनकम की सीमा को बढ़ाया जाये इसके अतरिक्त्त बैठक में जिला कमेटी सदस्य सतपालमान,राजेश तोमर, लखबीर चौहन,जगदीश पुंडीर और प्रवीण तोमर जी भी उपस्थित रहे

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