केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की सुक्खू सरकार की मजदूर, कर्मचारी व जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू से संबंधित जिला सिरमौर मे मिड डे मील वर्करज यूनियन का आज जिला मुख्यालय में जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमे प्रदेशाध्यक्ष सीटू विजेंद्र महरा विशेष तौर पर मौजूद रहे।
सम्मेलन में मिड डे मील यूनियन कि महासचिव, हिमी ठाकुर, राज्य सचिवालय सदस्य वीना शर्मा, जिला अध्यक्ष लाल सिंह सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार की अध्यक्ष्ता मे सम्म्पन हुआ। यूनियन महसचिव हिम्मी ठाकुर ने सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर हिम्मी ठाकुर ने कहा की केन्द्र की मोदी सरकार ने मिड डे मील वर्करों के वेतन मे कोई वृद्धि नहीं की है जोकि मोदी सरकार का आम आदमी और मिड डे वर्कर्ज विरोधी रवैया दिखाता है।
सम्मेलन को सीटू जिला अध्यक्ष लाल सिंह और सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने सम्बोधित करते हुए कहा की प्रदेश की कांग्रेस सरकार हो या केन्द्र की सरकार दोनो ही मजदूर विरोधी रवैया रखती है। मिड डे वर्कर्ज को समय से वेतन नहीं मिलता ऐसे में वेतन के लिए मजदूरों को आंदोलन करने का रास्ता अपनाना पड़ता है।
सम्मेलन मे 7 ब्लॉक से करीब 70 के करीब मिड डे मील वर्करज द्वारा भाग लिया और अपनी समस्याओं पर चर्चा की गयी। मिड डे मील वर्करज की समस्यों पर चर्चा करने के बाद सर्वसम्मति से 25 सदस्यों कि कमेटी का चयन किया गया। जिसमे सुदेश कुमार जिला अध्यक्ष, निर्मला को महसचिव वीरेंदर को उपाध्यक्ष, चुना गया।
कमेटी मे विनीत, गीता, किरण, पृथ्वी सिंह, सत्य, कृपा राम, तोता राम, उषा, नरेश, अमरनाथ को सहसचिव, बाला राम, विजय पाल, अनिता को चुना गया। इसके पश्चात सीटू राज्य अध्यक्ष विजेंदर मेहरा ने नई कमेटी को बधाई दी और सम्बोधन मे कहा 25 से 27 नवंबर को मजदूरों का न्यूनतम वेतन 26 हज़ार रुपये घोषित करने, मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों को रद्द करने, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने, स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशों को लागु करने, शहरी क्षेत्रों में विस्तार के साथ ही मनरेगा में 375 रुपये प्रति दिन की मजदूरी पर 200 दिन कार्य दिवस प्रदान करने, मनरेगा, निर्माण मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण व आर्थिक लाभ बहाल करने, आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति बनाने, नौकरी से निकाले गए कोविड कर्मियों को बहाल करने, भारी महंगाई पर रोक लगाने, योजना कर्मियों को नियमित करने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को रोकने, किसानों की कर्ज़ामुक्ति आदि मांगों को लेकर 25 से 27 नवंबर को महापड़ाव होगा। जिसमे जिला सिरमौर से भी 700 के करीब मजदूर इस महापड़ाव मे शामिल होंगे और केन्द्र सरकार की नीतियों का मुखर विरोध करेंगे।