जिला मुख्यालय नाहन में आज हिमाचल किसान सभा की जिला इकाई ने धरना प्रदर्शन किया। मिडिया को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है की तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर जो 378 दिन का किसान आंदोलन चला था उस आंदोलन को किसानों ने इस शर्त पर स्थगित किया था की केंद्र सरकार किसानों की मांगों पर कमेटी गठित की जाएगी और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी होगी, किसानों के कर्जे माफ किए जायेंगे, तथा अन्य मांगे भी पूरी की जाएगी।
लेकिन केंद्र सरकार अभी तक इस पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है। इसलिए किसान पुनः जब सरकार की वायदा खिलाफी और अपनी मांगों को पुनः सरकार के समक्ष रखने के लिए गए तो सरकार ने कंटीली तारे तथा लोहे के कांटे बिछा दिए तथा किसानों पर गोलियां तक चलाई गई। जिसके खिलाफ समूचे देश मे किसान सरकार का विरोध कर रहे है।
दूसरा यह कि आज से UAE के अब्बु धाबी मे विश्व व्यापार संगठन WTO का सम्मेलन शुरू हुआ है। हम सरकार को चेतावनी देते है की सरकार wto से नाता तोड तोड़े क्योंकि अमेरिका के आगे केंद्र सरकार घुटने टेक रही है और देश के किसान मजदूर को गलत नीतियों का गुलाम बना रही है। हम मांग करते है की किसानों को फसलों का msp दिया जाए, किसानों के कर्जे माफ किए जाए, wto का विरोध किया जाए। इस मौके पर राजेन्द्र ठाकुर,सतपाल मान,आशीष कुमार ,लाल सिंह,जीवन सिंह,राजेंद्र शर्मा, शेर सिंह,सुरजीत,रोहित,राहुल,आशा शर्मा,अनीता देवी, अमृत,नीतीश,सचिन , मोती सिंह,आदि मौजूद थे।