12 || अगस्त, 2024 || अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के नेतृत्व ने प्रदेश भर में नशे के मुद्दे पर युवाओं से चर्चा की और उन्हें नशे के खिलाफ अभियान में आगे आने का आह्वान किया। समिति ने जनजातीय जिलों को छोड़कर अन्य सभी जिलों में ‘युवाओं के साथ सीधा संवाद’ थीम के साथ समाज में बढ़ते नशे पर युवाओं से चर्चा की।
तीन पीढ़ियों में संवाद का सिलसिला रहा। वरिष्ठ नेतृत्व के अलावा समिति के वयोवृद्ध और वरिष्ठ साथी प्रो. टी.डी. वर्मा, प्रो. गुलाटी, प्रो. बी.एस. पंवर, प्रो. के.एस. धीर, उर्मिल ठाकुर, हीरानन्द शांडिल ने भी युवाओं से सीधा संवाद में शिरकत की और युवाओं का आह्वान किया। समिति के अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश ने शिमला, राज्य सचिव सत्यवान पुण्डीर और सह सचिव सीता राम ठाकुर ने चम्बा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेन्द्र कपूर ने नाहन और उपाध्यक्ष डॉ. आर.के. शर्मा ने कुल्लू में युवाओं से संवाद किया। इसके अलावा राज्य कोषाध्यक्ष भीम सिंह, सह सचिव गजेन्द्र शर्मा, सुनीता बिष्ट सहित राज्य कार्यकारिणी के विभिन्न सदस्यों व जिला सचिवों ने भी युवाओं से नशे की बढ़ती समस्या पर चर्चा की। नाहन के डाइट संस्थान में आयोजित संवाद में माननीय विधायक अजय सोलंकी ने कार्यक्रम में शिरकत की। कई जिलों में पुलिस अधीक्षक और पुलिस के आला अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल रहे।
शिमला में समिति के राज्य मुख्यालय सहित विकास खण्ड रामपुर औरर टुटू में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य कार्यालय में राज्याध्यक्ष के साथ जिला सचिव नवीन शर्मा, सीमा चौहान, सुमित्रा चंदेल, डॉ. रीना सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह तँवर ने युवाओं को से संवाद किया। युवाओं से चर्चा करते हुए समिति के संस्थापक अध्यक्ष राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तँवर ने कहा कि युवा आज जिन चाहतों के पीछे भागता है या जो कुछ हासिल करना चाहता है, नशा उन सबका बैरी है। इज़्ज़त, दौलत, शोहरत, प्रेम, शारीरिक, मानसिक खुशी या आनन्द की चाहत में युवा अगर एक कदम भी भटक गया और नशे के रास्ते पर मुड़ गया तो ये सब ख्वााहिशें केवल सपना बनकर रह जाती हैं।
नशा थोड़ी देर या थोड़े समय के लिए चिंता या परेशानी को दूर कर सकता है लेकिन जब नशे की आदत हो जाती है या नशा ज़रूरत बन जाती है तो इंसान की बर्बादी निश्चित है और अन्ततः वक्त से पहले और दर्दनाक मौत तय है। डॉ. तँवर ने कहा की कि नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ज़रूरी है कि समाज का हर वर्ग, समुदाय, सामाजिक संस्थाएं और सरकार एक साथ मिलकर काम करें। उन्होंने इस दिशा में नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने सरकार से अपील की कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाए जिसमें सरकार, प्रशासन, विभाग और सामाजिक संस्थाएं शामिल हों।
समिति के सचिव सत्यवान ने नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चम्बा जैसे दूर-दराज़ के क्षेत्र में रासानिक नशे का पहुंचना गंभीर खतरे का संकेत है। उन्होंने कहा कि समिति प्रदेश से नशे को उखाड़ फेंकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी और सभी तबकों को युवा बचाओ अभियान में जोड़ने का प्रयास करेगी।
20 अगस्त को समिति देश सहित पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना दिवस का आयोजन करेगी जिसमें नशे के प्रभाव के वैज्ञानिक पक्ष सहित वैज्ञानिक नज़रिये को बढ़ावा देने पर चर्चा की जाएगी।