दलित शोषण मुक्ति मंच खंड पच्छाद का तीसरा सम्म्मेलन आज सरान्ह मे सम्पन्न हुआ। सम्मेलन मे लगभग 7 पंचायतों के पाँच दर्जन लोगों ने और अन्य तीन संगठनों के लोगों ने भाग लिया।
सम्मेलन मे दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार और राजेश तोमर ने विशेष रूप से भाग लिया। सम्मेलन मे अलग अलग संगठनों से आये लोगों ने दलित मुद्दों पर अपनी राय रखी। सम्मेलन का उद्घाटन दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार ने किया।
आशीष कुमार ने सम्बोधित करते हुए कहा की आज आये दिन दलित वर्ग पर अत्यचार बढ़ रहे है। आशीष कुमार ने कहा की दलित शोषण मुक्ति मंच कोई जातिगत मंच नहीं हैं बल्कि इस मंच का उदेश्य जातियों के आधार पर बंटे सभी लोगों को एक मंच पर लाने का है ताकि लोगों को जातिवादी चेतना से बहार निकाला जा सके और वँचित वर्ग को एक मंच पर ला कर शोषण करने वाली विचार धाराओं से एक साथ मिल कर मुकाबला किया जा सके।
सम्मेलन मे जिला से वरिष्ठ सदस्य राजेश कुमार ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राजेश कुमार ने अनुसूचित जाति वर्ग को मिलने वाली योजनाओ पर बात रखते हुए कहा की आज सरकारी योजनाओं का लाभ भी दलित वर्ग को नहीं मिल पा रहा है।

सरकारी क्षेत्र के अंदर नौकरियाँ खत्म हो गई है जिससे आरक्षण अब मात्र नाम मात्र का रह गया है। समेलन मे आये सभी ने भी चिंता व्यक्त की सरकार नौकरियों ठेके पर दे रही है जिससे अनुसूचित जाति वर्ग के हितों का हनन हो रहा है। आज भी इतने सालों बाद 85 वे संविधान संशोधन को लागु नहीं किया जा रहा है। सम्मेलन में छात्र वर्ग को मिलने वाली स्कालरशिप भी समय पर नहीं मिलती जिसका प्रभाव अनुसूचित जाति वर्ग पर पड़ रहा है।
सम्मलेन मे चर्चा के बाद 15 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया जिसमे बाबूराम शास्त्री को अध्यक्ष, कृष्ण को महासचिव, रमेश को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, और चतर सिंह, मुकेश को उपाध्यक्ष और लखबीर सिंह वीरेंदर को सह सचिव चुना गया है।
इसके इलावा राजेश, रोशन लाल, संजीव कुमार, राजेश सिंह, अमर सिह, आदि को सदस्य चुना गया है।