हमीरपुर 22 जुलाई 2025 || उपायुक्त अमरजीत सिंह ने हमीरपुर में जिला सुशासन सूचकांक (डीजीजीआई) की समीक्षा बैठक के दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला सुशासन सूचकांक के सभी संकेतकों से संबंधित डाटा को अपडेट करें और इसे शीघ्र ही जिला सांख्यिकीय अधिकारी कार्यालय को भेजें। उन्होंने कहा कि यदि किसी संकेतक या योजना में विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, तो उसमें सुधार के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी संकेतक में एक से अधिक विभाग शामिल हैं, तो उनके डाटा का संकलन सही तरीके से होना चाहिए, ताकि विकास के सभी मानकों एवं संकेतकों में जिला के प्रदर्शन का सटीक आकलन किया जा सके। उपायुक्त ने यह निर्देश मंगलवार को हमीर भवन में आयोजित बैठक में दिए।
उपायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में हमीरपुर को 35 लाख रुपये का द्वितीय पुरस्कार और वर्ष 2023-24 में 25 लाख रुपये का तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ था। अब वित्तीय वर्ष 2024-25 का डाटा अपलोड किया जाना है, जिसे 31 जुलाई से पहले जिला सांख्यिकीय अधिकारी कार्यालय में पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश संकेतकों में संबंधित विभागों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है, लेकिन कभी-कभी डाटा अपलोडिंग या रिपोर्टिंग में चूक के कारण जिला की रैंकिंग गिर जाती है। इस बार यह चूक न होने देने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे महिलाओं और बच्चों से संबंधित सभी आंकड़ों को दुरुस्त करें। इसके अतिरिक्त, विभागों को ई-ऑफिस का उपयोग करने, सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने और प्लास्टिक तथा ई-कचरे का सही निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को फील्ड में पानी की सैंपलिंग और टेस्टिंग बढ़ाने के लिए कहा गया, जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी स्कूलों के नोडल शिक्षकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला सांख्यिकीय अधिकारी अशोक कुमार ने आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के दिशा-निर्देशों और अन्य मुद्दों की विस्तृत जानकारी दी। इसमें एएसपी राजेश कुमार और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।