जिला सिरमौर में रक्तदान सेवा का अनुकरणीय उदाहरण

rakesh nandan

02/08/2025

जुलाई 2025 में 40 यूनिट्स रक्तदान का ऐतिहासिक कार्य

“रक्तदान – जीवन का सबसे मूल्यवान उपहार है, जो किसी को दिया जा सकता है।”

नाहन || 02 अगस्त 2025 || जिला सिरमौर के सेवा भावी युवाओं और ब्लड डोनर ग्रुप “ड्राप ऑफ़ हॉप” सदस्यों ने जुलाई 2025 में जो मिसाल कायम की है, वह न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के प्रति एक मजबूत उत्तरदायित्व का उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। 01 जुलाई 2025 से 31 जुलाई 2025 के मध्य, ग्रुप के माध्यम से कुल 40 यूनिट रक्तदान कर ज़रूरतमंद मरीजों की जान बचाने का कार्य किया गया।

यह सेवा विशेष रूप से मेडिकल कॉलेज नाहन के मरीजों के लिए केंद्रित रही, जिसमें विभिन्न ब्लड ग्रुप्स की यूनिट्स उपलब्ध कराई गईं। इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ PGI, पंचकूला, मोहाली, IGMC शिमला, देहरादून, और जगाधरी जैसे अन्य क्षेत्रों में भी सिरमौर के मरीजों के लिए तत्काल सहायता पहुंचाई गई।


ब्लड ग्रुप अनुसार सेवा विवरण (मेडिकल कॉलेज नाहन)

रक्त समूहयूनिट्स की संख्या
A+13 यूनिट
O+5 यूनिट
A-3 यूनिट
B+3 यूनिट
AB+2 यूनिट
B-2 यूनिट
AB-1 यूनिट
O-1 यूनिट
कुल30 यूनिट्स

इन यूनिट्स को नाहन मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को समय पर उपलब्ध कराना न केवल तकनीकी समन्वय, बल्कि सेवा भावना और मानवीय संवेदनाओं का उत्तम समन्वय था।


अन्य जिलों व अस्पतालों में सहायता कार्य

सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के बाहर और अन्य शहरों में भी इस सेवा समूह ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। उल्लेखनीय सेवा इस प्रकार रही:

  • चंडीगढ़ PGI, पंचकूला, मोहाली
    2 यूनिट्स रक्त उपलब्ध करवाने का कार्य ब्लड ग्रुप के अध्यक्ष श्री सलमान खान जी द्वारा किया गया।
    श्री अखिल माहेश्वरी जी ने 4 यूनिट्स रक्त मोहाली व पंचकूला में जिला सिरमौर के मरीजों के लिए उपलब्ध करवाईं।

  • IGMC शिमला
    श्री कपिल नेगी ने 1 यूनिट AB- की आवश्यकता पूरी की।
    श्री इमरान ने सिरमौर के मरीज के लिए 1 यूनिट AB+ उपलब्ध कराई।

  • जगाधरी सिविल अस्पताल
    श्री अमन ने 1 यूनिट O+ रक्त पौंटा साहिब के एक मरीज के लिए उपलब्ध कराया।

  • कृष्णा हॉस्पिटल देहरादून
    श्री नदीम खान ने 1 यूनिट O- रक्त दान कर जरूरतमंद की जान बचाई।


सेवा में समर्पण, टीम की ताकत

इस पूरी मुहिम के पीछे न कोई प्रचार था, न कोई स्वार्थ। यह सब कार्य दिन-रात की मेहनत, तेज नेटवर्किंग, और समय के प्रति सजगता का परिणाम था। ग्रुप के सभी सदस्यों ने न केवल रक्तदाता खोजे, बल्कि उन्हें समय पर अस्पताल तक पहुंचाने, दस्तावेज तैयार करने और चिकित्सकीय सहायता में भी भरपूर सहयोग दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि जब समाज का युवा वर्ग अपनी शक्ति को सकारात्मक दिशा में लगाता है, तो वह न केवल ज़िंदगी बचा सकता है, बल्कि सामाजिक बदलाव का वाहक भी बन सकता है।


आगे की राह

ब्लड ग्रुप की यह मुहिम यहीं नहीं रुकती। आने वाले महीनों में और भी अधिक संगठित प्रयासों के साथ इस सेवा को और विस्तृत करने की योजना है। ग्रुप का उद्देश्य न केवल मरीजों की सहायता करना है, बल्कि रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना और स्थायी डोनर नेटवर्क बनाना भी है।


समापन संदेश

“जो खून इंसान की नसों में बहता है, वही किसी और की जान भी बचा सकता है।”

ब्लड डोनर ग्रुप, जिला सिरमौर के हर सदस्य को सलाम, जिन्होंने यह दिखाया कि सेवा धर्म सबसे बड़ा धर्म होता है। यह लेख सभी युवाओं को प्रेरित करने का एक माध्यम है कि वे भी अपने जीवन में सेवा का एक अध्याय जोड़ें।

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