बिलासपुर || 09 मई 2025 || नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज बिलासपुर जिला की ग्राम पंचायत घड़ालवी में आयोजित सरकार गाँव के द्वार कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की विभिन्न समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मंत्री धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य जन-संवेदनशील प्रशासन को धरातल पर उतारना है, और सरकार गाँव के द्वार जैसे कार्यक्रम इसके प्रभावी माध्यम हैं। आज आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कुल 25 शिकायतें/मांगें रखीं, जिनमें से अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही संबंधित विभागों द्वारा किया गया।
उन्होंने सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना से ग्राम स्तरीय समस्याओं को सुलझाने पर बल दिया और ग्रामीणों से अपील की कि वे विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारतीय सेना के बहादुर सैनिकों को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र के लिए अपने जीवन को समर्पित करने वाले सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। ग्रामीणों ने भी देश की सुरक्षा में जुटे जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मंत्री धर्माणी ने इस अवसर पर भारत सरकार की एडवाइजरी का पालन करने का भी आग्रह किया, गैर-आवश्यक लाइटें बंद रखने की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक संवेदनशील, न्यायपूर्ण और जवाबदेह शासन की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने निराश्रित और अनाथ बच्चों के लिए ‘सुखाश्रय योजना’ आरंभ कर उन्हें ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया, जिससे वे अब समाज में गरिमा और सुरक्षा के साथ जीवन जी सकें। बेटियों को समान अधिकार देने की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उन्हें परिवार की एक स्वतंत्र इकाई के रूप में मान्यता दी गई, जिससे उन्हें बेटों के बराबर कानूनी अधिकार मिल सके। राज्य के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ पुनः प्रदान कर सरकार ने अपनी संवेदनशीलता और कर्मचारियों के प्रति सम्मान को दर्शाया। शिक्षा व्यवस्था में स्थायित्व बनाए रखने के लिए बीच शैक्षणिक सत्र के दौरान शिक्षकों के तबादलों में कटौती की गई।
खेलों को प्रोत्साहन देने हेतु खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाई गई ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। वहीं युवाओं को नशे के दुष्चक्र से बाहर निकालने के लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत नशा तस्करों की 11 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 351 आवासों का निर्माण कर जरूरतमंदों को छत उपलब्ध कराई गई। युवा शक्ति को सशक्त करने के लिए कौशल विकास भत्ते के अंतर्गत 68,786 पात्र युवाओं को 33.16 करोड़ रुपये वितरित किए गए। आपदा प्रभावित लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी कर राज्य सरकार ने कठिन समय में आमजन के साथ खड़े होने का प्रमाण दिया। किसानों के हित में गेहूं और मक्के के लिए क्रमश: 40 रुपये और 30 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया गया। इसके अतिरिक्त, सरकार ने तक़सीम और इंतक़ाल जैसे 3,25,926 लंबित राजस्व मामलों का समाधान कर लोगों को न्याय और राहत दोनों सुलभ कराई।
इन सभी निर्णयों और पहलों ने यह साबित किया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी है और विकास की हर धारा में संवेदनशीलता को प्राथमिकता देती है।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रधान सरला चौहान, एसडीएम गौरव चौधरी, डीएसपी चंद्रपाल सिंह, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक केएल शर्मा, एवं अन्य सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।