abvp द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है
वामपंथ कोई लोकतांत्रिक विचारधारा नहीं है, बल्कि देश और समाज में घुला हुआ एक धीमा जहर है। जिसका उदाहरण शिमला के कोटशेरा महाविद्यालय में आज SFI के गुंडों द्वारा कॉलेज से रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर योजनाबद्ध तरीके से किया जानलेवा हमला है। ऐसा पहली बार नहीं है जब जब भी विद्यार्थी परिषद का कार्य कॉलेज कैंपस में बढ़ने लगता है तब तब वामपंथ अपना लाल चेहरा दिखाता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर मंत्री अंकुश वर्मा ने यह बताया की SFI के वामपंथी गुंडों द्वारा बार बार यह हरकत की जाती है, विद्यार्थी परिषद ने पुलिस अधीक्षक को इस मामले को ज्ञापन भी दिए और यह उस ज्ञापन पत्र में दिनांक सहित कहा भी कि कैसे यह आदतन मजबूर एसएफआई के लोग हर जगह लड़ाई झगडे में मौजूद रहते हैं। जिन्होंने पूरे शहर की कानून व्यवस्था को खराब किया हुआ है जिनके खिलाफ अलग अलग पुलिस थानों में SFI के वामपंथी गुंडों के खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा फिर भी इस पर कोई भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा और SFI के गुंडों को सरक्षण देने का काम कर रही है, जिससे यह प्रतीत होता है की पुलिस प्रशासन व प्रदेश सरकार द्वारा लगातार SFI के गुंडों को बचाने की साजिश की जा रही है और कोई भी कड़ी करवाई नहीं की जा रही। फिर चाहे विवि छात्रावास में जनजातीय छात्रों को पीटने की घटना हो या कोटशेरा में जनजातीय छात्रों को पीटने की घटना हो फिर भी पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की जा रही हैं। वामपंथ के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते अभाविप शिमला महानगर मंत्री अंकुश वर्मा।
वंही sfi द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है
9 अक्टूबर 2023 को जब एस एफ आई कोटशेरा के कार्यकर्ता कॉलेज से अपने घर की ओर जा रहे होते है, तो सिसेल होटल के नजदीक ABVP के कुछ शरारती तत्वों द्वारा हमारे साथियों पर तेजतर्रार हथियारों से जानलेवा हमला किया जाता है। जिसमें कैंपस सचिव काॅमरेड जानेश जस्टा, कैंपस सह सचिव काॅमरेड राज राणा, सचिवालय सदस्य काॅमरेड रोहित व 2 अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो जाते है।
इसके तुरंत बाद जिन लोगों को गंभीर चोटे आई है वह बालूगंज पुलिस थाने में अपनी एफआईआर दर्ज करते है, और इसके उपरांत बालूगंज पुलिस द्वारा हमारे साथियों का डीडीयू अस्पताल में मेडिकल करवाया जाता है। कैंपस अध्यक्ष काॅमरेड पवन कुमार का कहना है की एबीवीपी का एकमात्र उद्देश्य छात्र राजनीति को बदनाम करने का रहा है। कैंपस में जनवादी संस्कृति को खराब करने व कैंपस में लड़ाई का माहौल तैयार करना एबीवीपी का एकमात्र लक्ष्य है।
अभी 3 दिन पहले ही एस एफ आई कोटशेरा इकाई का 37 वां सम्मेलन संपन्न हुआ था जिसमें की बड़े सारे विद्यार्थियों ने भाग लिया था। जिसके कारण छात्र विरोधी एबीवीपी पूरे तरीके से बौखला गई थी। एबीवीपी आए दिन कैंपस का शैक्षणिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। अभी कुछ दिन पहले भी ABVP के कुछ लोगों द्वारा एसएफआई के कार्यकर्ताओं पर हमला किया जाता है। इसके बाद हमारे लोगों द्वारा कॉलेज प्रशासन को भी अवगत करवाया जाता है। लेकिन अभी तक कॉलेज प्रशासन द्वारा उसके ऊपर किसी भी प्रकार की कार्रवाई अमल में नहीं लाया जाना कॉलेज प्रशासन की मिली भगत को साफ दर्शाता है।
एस एफ आई यह मांग करती हैं कि कैंपस में शैक्षणिक माहौल रहे व जो आम छात्र है वह अपनी पढ़ाई आराम से कर सकें। इस लिए एस एफ आई कॉलेज प्रशासन व पुलिस प्रशासन से भी यह मांग करती हैं कि इन लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई इस प्रकार की संकीर्ण ताकते कैंपस में पैदा न हो।