बिलासपुर || 02 अक्तूबर 2024 || भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण विभाग द्वारा घुमारवीं के अंबेडकर भवन में एकदिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार में नगर नियोजक, आवास, तकनीकी शिक्षा व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्मानी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने 200 से अधिक पात्र लोगों को सोलर लैंप और इंडक्शन हीटर वितरण किए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कामगार कल्याण बोर्ड को पात्र लोगों का केवाईसी या स्क्रीनिंग करने की आवश्यकता है ताकि केवल जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को ही प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि पिछली भाजपा सरकार ने विभाग के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ को रोक दिया था जिसके चलते लंबे समय से लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका।
उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में श्रमिक परिवारों को उसका लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के तुरंत बाद ही कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों को मिलने वाली सभी योजनाओं को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। जिसका लाभ आज प्रदेश के लगभग 4 लाख 50 हजार श्रमिकों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब कामगार लोगों के लिए पुरानी सभी बिलो और सुविधाओं का निपटारा जल्द किया जाएगा।
उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार जनहित में फैसला ले रही है। देखा गया है कि गरीबों के लिए योजनाएं बनाने पर भाजपा फ्रीबीज का आरोप लगती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया जिसके तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रूपये देने का प्रावधान किया गया लेकिन भाजपा ने इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन भाजपा केवल अमीरों को ही योजनाओं का लाभ देने की पक्षधर हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मजदूरों की दिहाड़ी बढ़कर 240 रुपए से अब 300 रूपये कर दी है। विधवा महिला को बच्चों की शादी के लिए 2 लाख रुपए प्रदेश सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं इसके अतिरिक्त एकल नारी को मकान बनाने के लिए प्रदेश सरकार की और से चार लाख रुपए देने का प्रावधान किया गया है।
इस अवसर पर बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में कामगार लोगों को विभाग की ओर से चलाई जारी रही योजनाओं का लाभ घर द्वार पर उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि मजदूरों को अपना पंजीकरण और विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए अपने काम और दिहाड़ी का नुकसान न हो।
इस अवसर पर उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने मूर्तिकार, कुम्हार, पत्तल ढोने बनाने वाले और ट्रेक्टर चलाने वालों और दिव्यांगों को भी विभाग की अंतर्गत पंजीकृत करने का निर्णय लिया गया है इसके अतिरिक्त एक नारियों पंचायतों में विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षित बेरोजगारों युवाओं जिसने फिटर इलेक्ट्रीशियन पलंबर इत्यादि को भी विभाग माध्यम से पंजीकृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू निर्देशों पर हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है ताकि कामगारों की समस्याओं को समझा जा सके और कामगारों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए कार्य किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बेसहारा और अनाथ लोगों को सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना जैसी योजना चलाई है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में कामगार बोर्ड द्वारा विधानसभा क्षेत्र सदर के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक विभाग की योजनाओं का प्रचार प्रसार हो सके और मौके पर ही पात्र लोगों का पंजीकरण भी करवाया जाएगा। इस अवसर उन्होंने आह्वान किया कि पात्र लोग पंजीकरण अवश्य करवाएं ताकि विभाग द्वारा चलाई जारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश उप मंडल अधिकारी घुमारवीं गौरव चौधरी, हिमाचल प्रदेश बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन एवं मनरेगा मजदूर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष जगदार सिंह भैंस इंटेक्स के उपाध्यक्ष धर्म सिंह सहगल सहित इंटक के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस तरह मिल सकता है फायदा
शादी के लिए वित्तीय सहायता 51 हज़ार, मातृत्व पितृत्व प्रसुविधा महिला को 25 हज़ार-पुरुष छह हज़ार, चिकित्सा सहायता 50 हज़ार आउटडोर, एक लाख इंडोर व पांच लाख गंभीर बीमारी पर, शिक्षा हेतु बच्चे की एजुकेशन पर 8400 से एक लाख 20 हज़ार तक, पेंशन सुविधा 60 आयु बाद एक हज़ार, विकलांगता पेंशन, अंतिम संस्कार हेतु 20 हज़ार, मृत्यु सहायता चार लाख दुर्घटना व प्राकृतिक पर दो लाख, बेटी जन्म उपहार योजना में 51 हज़ार की एफडी, दिव्यांग बच्चों की योजना पर 20 हज़ार प्रतिवर्ष, विधवा पेंशन योजना में 1500 प्रतिमाह, होस्टल सुविधा में बच्चों को होस्टल पर रहने पर 15 से 20 हज़ार राशि व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख 50 हज़ार की राशि भी पीएमएवाई या एमएवाई योजना के अतिरिक्त प्रदान की जाएगी।