नाहन || 05 फरवरी 2025 || जिला सिरमौर किसान सभा ने आज नाहन में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की प्रतियां जलाकर लअपना रोष प्रकट किया है। किसान सभा के महासचिव राजेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया बजट निराशाजनक है। किसानों बागबानो समेत आम व्यक्ति व मजदूर के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला बजट है।
राजेंद्र ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट कॉर्पोरेट पूंजीपतियों व अमीरों के लिए बनाया गया है और पुरी तरह से गरीब विरोधी है। कृषि और संबंधित गतिविधियों के लिए 2024-25 मे संशोधित अनुमान आबंटन 3 लाख 7600 ,172 करोड़ था वंही 2025-26 के लिए आबंटन केवल 3 लाख 71 हजार 687 करोड़ किया गया ये आबंटन में बहुत बड़ी कटौती है। msp की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने,खरीद का विस्तार करने किसानों को कर्ज मुक्त करने के लिए बजट में कुछ नहीं है। यंहा तक की लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए संसदीय स्थाई समिति की सिफारिशों को भी अनदेखा किया गया , कृषि क्षेत्र में लगातार रोजगार बढ़ रहा है जो 2023-24 मे 46.1 प्रतिशत हो गया है। अन्य रोजगार के अवसरकम बचे है मगर फिर भी सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के सभी फंड रोक रही है। मनरेगा का बजट आबंटन पिछले वर्ष के आधार पर रखा गया, खाद्य सब्सिडी के लिए किया गया आबंटन भी पिछले वर्ष से कम है। बढ़ती कीमते बढ़े हुए अप्रत्यक्ष करों और लगातार होती सवास्थ्य शिक्षा खाद्य, यात्रा व्यय में वृद्धि के कारण आयकर छुट 12लाख के कोई मायने नहीं है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आबंटन 12हजार् 242 करोड़ किया गया जो पिछले वर्ष से लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ कम है। खाद सब्सिडी 1लाख 71 हजार 298 करोड़ रुपए से घटा कर 1लाख67हजार 887 करोड़ रुपए कर दी गई। धन ध्यान कृषि योजना की घोषणा की गई जिसमे 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसानों को लाभन्वित करने की बात की गई , लेकिन इसके लिए अलग से कोई आबंटन नहीं किया गया ये मात्र छलावा है। किसान सभा जिला सिरमौर कमेटी इसे किसान मजदूर तथा आम जनता विरोधी बजट करार देती हैं।