राजगढ़ || 14 जुलाई 2025 || प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने खेती और बागवानी को जोखिम-मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह योजना किसानों और बागवानों के फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए देशभर में आरंभ की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति करना है।

इस योजना के तहत, किसानों और बागवानों को कम प्रीमियम दरों पर अपनी फसलों के लिए व्यापक सुरक्षा प्रदान की जाती है। जैसे कि बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, सुखा, बाढ़, जल भराव, या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान होने पर, नियमों के अनुसार क्लेम प्रदान किया जाता है।
राजगढ़ क्षेत्र की बात करें तो यहां इन दिनों शिमलामिर्च, अदरक, आलू, और टमाटर की फसलें लगी हुई हैं, जो प्रमुख नकदी फसलें हैं। इस क्षेत्र में मक्की का उत्पादन भी काफी मात्रा में होता है। भारतीय कृषि बीमा कंपनी के फील्ड सुपरवाइजर पंकज कुमार के अनुसार, मक्की के फसल के बीमा का समय चल रहा है, और इसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई है। सभी किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी मक्की की फसल का बीमा समय पर करा लें।
इसके साथ ही, शिमलामिर्च, अदरक, आलू, और टमाटर जैसी प्रमुख नकदी फसलों का बीमा भी किया जाता है, जिसके लिए कंपनी द्वारा विभिन्न तिथियों को निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर लगाए जाते हैं, ताकि किसानों को समय पर अपनी फसल का बीमा करवाने की जानकारी मिल सके।