शिमला || 15 अगस्त, 2024 || जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस ऐतिहासिक रिज मैदान पर वीरवार को बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
उन्होंने दौरान मुख्यातिथि ठीक प्रातः 11:02 बजे ध्वजारोहण किया।। इसके पश्चात, आकर्षक परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट से सलामी ली। परेड में जिला पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड्स तथा पुलिस व होमगार्ड बैंड शामिल रहे।
इस मौके पर उप मुख्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि आज का ऐतिहासिक एवं गौरवमयी दिन हमें उन सब की याद दिलाता है, जिनकी बदौलत हमें आजादी हासिल हुई है। इसलिए हम आजादी के लिए संघर्ष करने वाले वीर सपूतों एवं नायकों को नमन करते है। उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा पर नजर डाले तो भारत आज एक बड़ी शक्ति बनकर दुनिया के सामने खड़ा है। हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। प्रदेश के वीर जवान अपने अदम्य साहस, पराक्रम एवं बलिदान के लिए देश भर में जाने जाते है। याद रहे कि प्रदेश का पहला परमवीर चक्र राज्य के वीर सपूत मेजर सोमनाथ शर्मा ने हासिल किया था। कैप्टन धन सिंह थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा और सूबेदार मेजर संजय कुमार ने अद्भुत पराक्रम दिखाकर परमवीर चक्र की श्रेणी में नाम दर्ज किया था।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस वर्ष अभी तक प्रदेश के 18 जवान शहीद हो चुके है। सूबेदार राजेश कुमार, सूबेदार नबांग टकपा, सुबेदार हरीश कुमार, हवलदार कुलविंदर सिंह, हवलदार कुलदीप कुमार, हवलदार सुरेश कुमार, हवलदार श्याम राणा, नायक कर्ण जीत सिंह, नायक विजय कुमार, नायक दिलवर खान, लांस नायक जसवीर सिंह, लांस नायक तनजीन थीले, लांस नायक प्रवीन शर्मा, सिपाही प्रकाश चन्द, गनर रोहित, सिपाही हैप्पी, सिपाही मनीष कुमार और अग्निवीर कार्तिक चम्बयाल मातृ भूमि की रक्षा करते शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने केन्द्र से आग्रह किया है कि देश के प्रति जज्बे को देखते हुए हिमालयन बटालियन खड़ी की जाए।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल स्वतंत्रता दिवस के महान पर्व से पूर्व प्रदेश में आई आपदा के कारण भंयकर मंजर देखा गया है। प्रदेश की नदियां लगातार उफान पर है और बादल फटने की घटनाओं ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है। राज्य में आई आपदा में इस मानसून में करीब 1000 करोड़ रूपए से अधिक का नुक्सान हुआ है। इसके अलावा, 200 लोग इस आपदा से अपनी जान गंवा चुके है। प्रदेश भर में 33 लोग अभी भी लापता है। शिमला के रामपुर से सटे समेज गांव में आई त्रासदी से 36 लोग काल का शिकार हुए हैं। अभी तक करीब 15 शवों को बरामद किया जा चुका है। राज्य सरकार ने सर्च आपरेशन चलाया हुआ है और लापता लोगों को ढूंढने का सिलसिला युद्ध स्तर पर चला है। ऊना में हाल ही की बाढ़ में 14 लोगों ने अपनी जान गवाई और अद्यौगिक क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गया।
उन्होंने कहा कि हम पूर्ण उम्मीद करते है कि संघीय ढांचे की मूल भावना का निवर्हन करते हुए केंद्र सरकार इस त्रासदी में प्रदेश को आर्थिक मदद मुहैया करवाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय 95 हजार करोड़ रूपए के कर्जें में है। ऐसे में संसाधन पैदा करने व खर्चें घटाने के लिए प्रदेश सरकार पूर्णरूप से वचनबद्ध है। इसी के चलते अनेकों कदम प्रदेश सरकार ने प्रदेश हित में उठाए है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार अपनी सभी गांरटियों को पूरा करने की राजनीतिक इच्छा शक्ति रखती है।